Lalu Yadav Birthday Special: राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन गुरुवार को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास पर धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोक संगीत, चैता गीत और बिहार की पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तुति ने समां बांध दिया.
एक पल ने खींचा सबका ध्यान
पूरे समारोह में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है. लोक गायक छोटू छलिया मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे. इसी दौरान उन्होंने तेजस्वी यादव के बेटे इराज लालू यादव को लेकर सोहर गाना शुरू किया. गाना सुनकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी बेहद खुश हो गईं. उन्होंने अपने हाथों में पहने चमचमाते हीरे के कंगन उतारे और मंच पर ही गायक को इनाम के तौर पर दे दिए.
तालियों से गूंज उठा राबड़ी आवास
राबड़ी देवी का यह अंदाज देखकर कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियां बजाईं. सांसद मीसा भारती समेत परिवार के अन्य सदस्य भी इस पल पर खुशी जताते नजर आए. हीरे के कंगन मिलने के बाद छोटू छलिया की खुशी देखते ही बन रही थी. उन्होंने मंच से ही लालू और राबड़ी की जमकर तारीफ की.
बोले- लालू-राबड़ी ही हैं असली राजा-रानी
छोटू छलिया ने कहा कि उन्होंने बचपन में किस्सों और कहानियों में सुना था कि राजा-महाराजा कलाकारों से खुश होकर उन्हें हार और कंगन भेंट करते थे. लेकिन आज उन्होंने यह दृश्य अपनी आंखों से देख लिया. उन्होंने कहा कि अगर आज के दौर में कोई असली राजा-रानी हैं, तो वे लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी हैं. गायक ने यह भी बताया कि राबड़ी देवी पहले भी उन्हें सोने की चेन और अंगूठियां उपहार में दे चुकी हैं, लेकिन इस बार सीधे हीरे के कंगन मिलना उनके लिए बेहद खास है.
लालू की जन्मभूमि को भी किया नमन
कंगन मिलने के बाद छोटू छलिया ने अपने खास अंदाज में गीत भी प्रस्तुत किया. उन्होंने लालू यादव की जन्मभूमि फुलवरिया और गोपालगंज की धरती को नमन करते हुए गीत गाया. उनकी प्रस्तुति पर मौजूद लोग देर तक झूमते रहे.
कौन हैं छोटू छलिया?
छोटू छलिया बिहार के चर्चित लोक गायकों में गिने जाते हैं. वह भोजपुरी और मगही भाषा के चैता, सोहर, कजरी और अन्य लोकगीतों के लिए जाने जाते हैं. उनकी गायकी में गांव और मिट्टी की खुशबू साफ महसूस होती है. यही वजह है कि बिहार के ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरों में भी उनकी अच्छी पहचान है.
लालू परिवार से पुराना है रिश्ता
छोटू छलिया का लालू परिवार से काफी पुराना जुड़ाव रहा है. राबड़ी आवास पर होने वाले कई सांस्कृतिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में वह अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं. लालू यादव के लोक कला प्रेम की वजह से ऐसे आयोजनों में उन्हें अक्सर बुलाया जाता है.
‘लोक नृत्य’ के पुराने शौकीन हैं लालू
लालू प्रसाद यादव हमेशा से बिहार की लोक संस्कृति के समर्थक रहे हैं. खासकर लोक नृत्य और लोक संगीत के प्रति उनका लगाव किसी से छिपा नहीं है. मुख्यमंत्री रहते हुए भी उनके सरकारी आवास पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते थे. स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण कुछ वर्षों तक यह सिलसिला थम गया था, लेकिन अब लालू फिर से अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं.
मार्च में भी हुआ था भव्य चैता कार्यक्रम
इससे पहले 29 मार्च को भी राबड़ी आवास पर बड़ा चैता कार्यक्रम आयोजित किया गया था. बताया जाता है कि यह आयोजन लालू यादव की इच्छा पर कराया गया था. उस कार्यक्रम में भी लोक नृत्य और लोक गायकों की प्रस्तुतियों ने खूब रंग जमाया था. देर रात तक लालू यादव, तेजस्वी यादव और राजद के कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम का आनंद लेते रहे थे.
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