संवाददाता, पटना
जेइइ मेन जनवरी सत्र की परीक्षा बुधवार से शुरू हो गयी. परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड मोड पर हुई. परीक्षा देकर निकलने वाले परीक्षार्थियों ने बताया कि केमिस्ट्री व फिजिक्स का पेपर आसान व मैथ्स का लेंदी रहा. विद्यार्थियों को पहले दिन किसी भी तकनीकी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा. परीक्षा में पूछे गये प्रश्नपत्र को लेकर परीक्षार्थियों ने अलग-अलग राय दी. पहले दिन पहली पाली की परीक्षा देकर निकलने परीक्षार्थियों ने बताया कि पहले दिन केमिस्ट्री व फिजिक्स का पेपर मॉडरेट जबकि मैथ्स का पेपर लेंदी रहा. पेपर का पैटर्न पिछले वर्ष के अनुसार ही था, जिसमें स्टेटमेंट, मैचिंग लिस्ट, सिंगल करेक्ट व न्यूमेरिकल वैल्यू आधारित प्रश्न पूछे गये थे.केमिस्ट्री : एनसीइआरटी के टॉपिक्स के अनुसार 52 प्रतिशत प्रश्न 11वीं से पूछे गये
केमिस्ट्री का पेपर मॉडरेट रहा, जिसमें सेक्शन बी के प्रश्नों में कैलकुलेशन कठिन था, जिसके कारण प्रश्नों को करने में सामान्य से अधिक समय लगा. इसमें एनसीइआरटी के टॉपिक्स के अनुसार 52 प्रतिशत प्रश्न 11वीं कक्षा के सिलेबस से व 48 प्रतिशत प्रश्न 12वीं कक्षा के सिलेबस से पूछे गये. प्रश्नों में लगभग संपूर्ण सिलेबस को कवर किया गया था. जिसमें कैमिकल बॉन्डिंग, सॉल्ट एनालिसिस, एरोमैटिक कम्पाउंड, मॉल कंसेप्ट से दो-दो प्रश्न पूछे गये. अन्य सभी टॉपिक्स से एक-एक प्रश्न पेपर में आया.फिजिक्स : 11वीं व 12वीं से 50-50 प्रतिशत प्रश्न पूछे गये
फिजिक्स का पेपर मॉडरेट था, जिसमें एनसीइआरटी आधारित 50 प्रतिशत प्रश्न 11वीं कक्षा के सिलेबस से पूछे गये. जबकि शेष 50 प्रतिशत प्रश्न 12वीं कक्षा के सिलेबस से पूछे गये. इसमें अधिकांश प्रश्न इलेक्ट्रोडायनेमिक्स, मैकेनिक्स, हीट एंड थर्मोडायनेमिक्स, वेव तथा वेव ऑप्टिक्स से पूछे गये थे. अन्य प्रश्न मैग्नेटिज्म, ग्रेविटेशन, मॉडर्न फिजिक्स, ज्योमेट्री ऑप्टिक्स, फ्लुइड, एरर तथा सेमीकंडक्टर से संबंधित थे.मैथ्स: 64 प्रतिशत प्रश्न 12वीं कक्षा के सिलेबस से पूछे गये
मैथ्स का पेपर कठिन तथा लेंदी था, जिसमें 36 प्रतिशत प्रश्न 11वीं कक्षा के सिलेबस से एवं 64 प्रतिशत प्रश्न 12वीं कक्षा के सिलेबस से पूछे गये थे. अलजेब्रा से 36 प्रतिशत, कैलकुलस से 28 प्रतिशत, वेक्टर थ्रीडी से 12 प्रतिशत, ट्रिग्नोमेट्री से आठ प्रतिशत, को-ऑर्डिनेट से 16 प्रतिशत प्रश्न पूछे गये.—-
औसत रहा पहला पेपर
एलन कैरियर कोटा के निदेशक डॉ बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि मैथ्स के पेपर में कुछ सवाल ऐसे रहे जिनकी कैलकुलेशन लेंदी रही. स्टूडेंट्स के फीडबैक और एलन फेकल्टीज के एनालिसिस के आधार पर यह कहा जा सकता है कि पेपर ओवरऑल सामान्य रहा. केमिस्ट्री और फिजिक्स भी मॉडरेट रहे. किसी तरह की तकनीकी समस्या की शिकायत नहीं रही.
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