Land For Job: जमीन के बदले नौकरी मामले में बड़ा एक्शन, अमित कात्याल का भाई सीए राजेश कात्याल गिरफ्तार

Land For Job: नौकरी के बदले जमीन मामले में शनिवार को इडी ने हरियाणा के फरीदाबाद में छापेमारी कर सीए राजेश कात्याल को गिरफ्तार कर लिया. राजेश सीए अमित कात्याल का भाई है.

Land For Job: प्रर्वतन निदेशालय (ED) ने नौकरी के बदले जमीन मामले में शनिवार को हरियाणा के फरीदाबाद में छापेमारी कर सीए राजेश कात्याल को गिरफ्तार कर लिया. राजेश सीए अमित कात्याल का भाई है. ये दोनों भाई राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के करीबी हैं. लैंड फॉर जॉब मामले में इडी ने अमित कात्याल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, हालांकि वह अभी जमानत पर है. नौकरी के बदले जमीन मामले में ही लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव समेत अन्य को राउज एवन्यू कोर्ट से जमानत मिली है. राजेश के खिलाफ करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का केस है.

पूछताछ में जुटी इडी

अमित कत्याल और राजेश कत्याल के हरियाणा स्थित कई ठिकानों पर इसी साल मार्च महीने में छापेमारी हुई हुई थी. एजेंसी ने 200 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेज जब्त करने का दावा किया था. दोनों भाई रियल एस्टेट के कारोबार से भी जड़े हैं. यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और दिल्ली पुलिस की दर्ज की गयी एफआइआर से सामने आया. राजेश को गिरफ्तार करने के बाद इडी उससे पूछताछ करने में जुटी है.

विदशों में करोड़ के एफडी को अटैच कर चुकी है इडी

छापेमारी के दौरान इडी को कई दस्तावेज मिले, जिनसे लंदन, श्रीलंका, सेंट किट्स बैंक अकाउंट का पता चला, जहां बायर्स के पैसे को ठिकाने लगाने का आरोप है. इडी ने अमित कात्याल की एमएस कृष रियल टेक प्राइवेट लिमिटेड और ब्रम्हा सिटी प्राइवेट लिमिटेड पर भी कार्रवाई कर चुकी है. सूत्रों के मुताबिक शैल कम्पनियों के जरिये कात्याल ने 400 करोड़ विदेश भेजे हैं. इसके अलावा इडी राजेश कात्याल और अमित कात्याल के कई ठिकानों से 2 करोड़ 41 लाख के गहने और सिक्के जब्त किए थे. इस छापेमारी के दौरान 32 लाख कैश, लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई थी. साथ ही कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड ड्राइव, पेन ड्राइव को अपने कब्जे में लिया था.

सैंकड़ों निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का भी आरोप

राजेश कात्याल पर सैकड़ो निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है. इसी आरोप में इडी ने उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की थी.छापेमारी के दौरान मिले सबूतों के आधार पर इडी ने गुरुग्राम में 70 एकड़ जमीन और फ्लैट, मुंबई में कुछ आवासीय इकाइयां, दिल्ली में एक फॉर्म हाउस और अमित कात्याल और उनकी कंपनियों की करीब 113 अचल संपत्ति के कागजात आदि को जब्त किया था.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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