Cyber Crime : पटना के पालीगंज में एक सेवानिवृत्त कोल फील्ड कर्मी को करीब चार घंटे तक साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट रखकर 10 लाख रुपये ठगने का प्रयास किया. हालांकि, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के सतर्क कर्मचारियों की सूझबूझ से बुजुर्ग अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई गंवाने से बच गए.
सीबीआई और एनआईए अधिकारी बनकर किया फोन
जानकारी के अनुसार, मखमिलपुर निवासी 65 वर्षीय सुरेंद्र भूंइया को साइबर ठगों ने फोन कर खुद को सीबीआई और एनआईए का अधिकारी बताया. ठगों ने दावा किया कि पुलवामा हमले के एक आरोपी ने उनका नाम लिया है. इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट कर लिया और धमकी दी कि यदि 10 लाख रुपये नहीं दिए, तो पूरे परिवार को जेल भेज दिया जाएगा.
बैंककर्मियों की सतर्कता से बची रकम
डर के कारण बुजुर्ग वीडियो कॉल चालू रखकर पीएनबी की पालीगंज शाखा पहुंचे और आरटीजीएस के जरिए रकम भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी. इसी दौरान बैंककर्मी चंद्रेश नारायण को उनके हाव-भाव और घबराहट पर संदेह हुआ. पूछताछ में पूरी बात सामने आने के बाद शाखा प्रबंधक प्रशांत कुमार ने तत्काल लेन-देन रुकवाया, खाता सुरक्षित कराया और पुलिस को सूचना दी.
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
पालीगंज थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती. यदि इस तरह की कोई कॉल आए, तो घबराएं नहीं, संबंधित नंबर को तुरंत ब्लॉक करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.
