साइबर अपराधियों के निशाने पर बिहार के VIP चेहरे, मंत्री से लेकर सिनियर IPS अधिकारी तक बने शिकार

बिहार में कोरोनाकाल के दौरान साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं. पिछले दो सप्ताह के अंदर प्रदेश के मंत्री समेत कई सिनियर पुलिस अपराधियों को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया है. उनके फेक फेसबुक अकाउंट ठगों के द्वारा तैयार कर लिए गए हैं और उस आईडी के जरिये लोगों से पैसे की मांग की जा रही है. हाल में ही सामने आए एक नये मामले में पुलिस मुख्यालय के एडीजी व सिनियर आईपीएस अधिकारी जितेंद्र कुमार को भी यह परेशानी झेलनी पड़ गयी.

बिहार में कोरोनाकाल के दौरान साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं. पिछले दो सप्ताह के अंदर प्रदेश के मंत्री समेत कई सिनियर पुलिस अपराधियों को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया है. उनके फेक फेसबुक अकाउंट ठगों के द्वारा तैयार कर लिए गए हैं और उस आईडी के जरिये लोगों से पैसे की मांग की जा रही है. हाल में ही सामने आए एक नये मामले में पुलिस मुख्यालय के एडीजी व सिनियर आईपीएस अधिकारी जितेंद्र कुमार को भी यह परेशानी झेलनी पड़ गयी.

साइबर ठगों ने बिहार में अब वीआईपी चेहरों को अपना निशाना बना लिया है. जालसाज अब फेमस चेहरों के फेसबुक आईडी को खंगालने में जुटे हैं. उनके आईडी का क्लोन तैयार कर उनके नाम से पैसे की उगाही की तैयारी शुरु कर दी गइ है. हाल में ही इसका शिकार पुलिस मुख्यालय के एडीजी जितेंद्र कुमार भी बन गए और उन्होंने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध इकाई से की.

ईओयू ने मामले की जांच शुरु कर दी है और साइबर ठगों का पता किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 15 दिनों के अंदर बिहार में मंत्री समेत कई सिनियर पुलिस अधिकारी ठगों के निशाने पर रहे. आईपीएस अधिकारी मनोज तिवारी का भी फेक अकाउंट ठगों ने तैयार कर लिया था. वहीं लघु जल संसाधन मंत्री संतोष मांझी का भी फेक अकाउंट ठगों ने बनाकर ठगी का जाल बिछाया था. एडीजी बच्चू सिंह मीणा, इओयू के डीएसपी भास्कर रंजन, आईपीएस सुशील कुमार व प्राथमिक शिक्षा निदेशक रंजीत कुमार सिंह तक का फेक अकाउंट साइबर ठगों ने बना लिया था.

Also Read: Coronavirus In Bihar: बिहार के 24 जिलों में कोरोना के तेवर पड़े कमजोर, इन 14 जिलों को अभी भी सतर्क रहने की जरुरत…

गौरतलब है कि कोरोनाकाल के दौरान साइबर ठगी का मामला तेजी से बढ़ा है. जालसाज किसी फेमस चेहरे का फेक फेसबुक आईडी बनाते हैं और उसके बाद ऑरिजनल आइडी में जुड़े लोगों को अपने फेक आईडी की मित्रता सूची में जोड़ते हैं. उसके बाद उनसे पैसे की डिमांड मदद के रूप में की जाती है. कई लोग इन जालसाजों के झांसे में आ भी जाते हैं और ठगी का शिकार बनते हैं. वहीं कई मामलों में अश्लील चैट के बाद ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने की शिकायत भी सामने आई है. बिहार में कोरोनाकाल के दौरान साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े तथा News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें।

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >