मसौढ़ी में सफाई को लेकर टकराव, झाड़ू लेकर उतरे पार्षदों को हड़ताली कर्मियों ने रोका, पुलिस ने संभाला मोर्चा

मसौढ़ी में सफाई कर्मियों की छह दिनों से जारी हड़ताल के बीच पार्षदों ने खुद झाड़ू उठाया, लेकिन हड़ताली कर्मियों ने इसका विरोध किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. जानें कब बहाल होगी सफाई व्यवस्था.

Patna News : मसौढ़ी नगर परिषद के सफाई कर्मियों की पिछले छह दिनों से जारी हड़ताल के बीच बुधवार को शहर की सफाई व्यवस्था बहाल करने का प्रयास विवाद में बदल गया. मुख्य पार्षद, उपमुख्य पार्षद और वार्ड पार्षद स्वयं झाड़ू लेकर सफाई करने पहुंचे, लेकिन हड़ताली सफाई कर्मियों ने इसका विरोध करते हुए सफाई कार्य रुकवा दिया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा.

वार्ता विफल होने के बाद पार्षदों ने संभाली कमान

मंगलवार को नगर परिषद और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद बुधवार को मुख्य पार्षद पिंकी देवी, उपमुख्य पार्षद चन्द्रकांत कुमार, पार्षद प्रतिनिधि उज्ज्वल कुमार तथा पार्षद सुशील कुमार, गुलाब कुमार, शंभु कुमार, शिव प्रकाश समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और नगर परिषद कर्मियों ने स्वयं सफाई अभियान शुरू किया.

जेसीबी के सामने डटे हड़ताली कर्मी, लगा जाम

स्टेशन रोड स्थित तारेगना गोला के पास जेसीबी से कचरा ट्रैक्टर पर लोड किया जा रहा था. इसी दौरान बड़ी संख्या में हड़ताली सफाई कर्मी झाड़ू और कुदाल लेकर वहां पहुंच गए. उन्होंने नारेबाजी करते हुए सफाई कार्य का विरोध किया और जेसीबी के सामने खड़े हो गए. इससे मौके पर अफरातफरी मच गई और स्टेशन रोड पर यातायात बाधित हो गया. दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया. इसके बाद जेसीबी और सफाई अभियान को वहां से वापस हटा लिया गया, जिससे स्थिति सामान्य हुई.

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल

गौरतलब है कि 30 जुलाई से बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) के नेतृत्व में नगर परिषद के सफाई कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. मंगलवार को हुई वार्ता विफल रहने के बाद वार्ड पार्षदों ने स्वयं सफाई करने का निर्णय लिया था, लेकिन हड़ताली कर्मियों के विरोध के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका. आंदोलनकारी सफाई कर्मियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. उनकी प्रमुख मांगों में सभी सफाई कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना, न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक मानदेय, तथा पीएफ, ईएसआई, बोनस, अवकाश, वर्दी और जूते सहित सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है.

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By Ajay kumar

फिलहाल प्रभात खबर में संपादक, बिहार के तौर पर कार्यरत। प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में प्रभात खबर से अक्टूबर, 1990 से शुरुआत। 35 साल से पत्रकारिता के दौरान विभिन्न अखबारों में सभी तरह की जिम्मेवारी व दायित्व का निर्वहन। रांची और जमशेदपुर में भी काम किया। एक बड़े डिजिटल समूह में बिहार से रिपोर्टिंग की। राजनीति, सरकार की नीतियों, अर्थव्यवस्था, ग्रामीण बिहार पर रिपोर्टिंग। सुरेंद्र प्रताप सिंह युवा पत्रकारिता सम्मान प्राप्त।
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