Patna News : पटना की विशेष सीबीआई अदालत ने रिश्वत लेने के मामले में केंद्र सरकार के केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) के पटना स्थित अपर निदेशक कार्यालय के पूर्व अधीक्षक और एक लिपिक को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने दोनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
तीन-तीन हजार घुस लेते धराए थे दोनों
सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने सुनवाई के बाद CGHS अपर निदेशक कार्यालय, पटना के पूर्व कार्यालय अधीक्षक गोपीनाथ भगत और निम्न वर्गीय लिपिक देवेंद्र कुमार पाठक को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनायी. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोनों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
20 लाख के बिल के बदले मांगी थी रिश्वत
अभियोजन के अनुसार, एक दवा आपूर्तिकर्ता का करीब 20 लाख रुपये का बिल पास करने के एवज में दोनों आरोपितों ने रिश्वत की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद सीबीआई अधिकारियों ने 18 मार्च 2013 को जाल बिछाया. कार्रवाई के दौरान गोपीनाथ भगत और देवेंद्र कुमार पाठक को दवा आपूर्तिकर्ता से तीन-तीन हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था.
15 गवाहों ने दी गवाही
मामले में आरोप साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 15 गवाहों के बयान दर्ज कराये गये. सीबीआई की ओर से वरीय विशेष लोक अभियोजक शशि विश्वकर्मा ने अदालत में बहस की. गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी.
