पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट
Bunty Yadav murder case : बंटी यादव हत्याकांड में फरार चल रहे मोनी किन्नर समेत तीन आरोपितों के नेपाल में छिपे होने की बात सामने आयी है. आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर कोतवाली थाना पुलिस ने रविवार को कोर्ट के आदेश पर मोनी किन्नर के बहादुरपुर थाना क्षेत्र में मोइनुल हक स्टेडियम के पीछे काली मंदिर के पास स्थित घर पर कुर्की से पूर्व नोटिस चस्पा किया. इस दौरान पुलिस ने ढोल-नगाड़े बजाकर कार्रवाई की.
ऑटो से अथमलगोला ले जाने का खुलासा
पुलिस के अनुसार, बंटी के अपहरण के बाद उसे अथमलगोला ले जाने के लिए शंकर के ऑटो का इस्तेमाल किया गया था. शंकर मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है. पुलिस का कहना है कि उसी की मदद से मोनी किन्नर समेत तीन आरोपित नेपाल में छिपे हुए हैं. पुलिस फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
एक आरोपित पटना में किराये के मकान में रहता था
मामले में एक अन्य आरोपित सूरज पटना में किराये के मकान में रहता था. उसने स्थायी पते के तौर पर भी पटना का पता दिया है. पुलिस उसके द्वारा बताए गए पते का सत्यापन कर रही है.
छह जुलाई को हुआ था अपहरण
बंटी यादव का छह जुलाई को पटना जंक्शन स्थित टाटा पार्क के पास से अपहरण किया गया था. इसके पांच दिन बाद 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र में खेत में मिट्टी में दबा उसका शव बरामद हुआ था. शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और कई आरोपितों को गिरफ्तार किया.
सात आरोपित हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में रोहित कुमार, बजरंगी कुमार, रवि कुमार, रौशन कुमार, अजीत कुमार सहनी और रवीश कुमार उर्फ बीसी को गिरफ्तार किया है. वहीं, सोनू कुमार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था. इस तरह अब तक सात आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं. फरार आरोपितों की तलाश जारी है.
शराब के कारोबार को लेकर विवाद की बात सामने आयी
पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि रवीश कुमार का मोनी किन्नर से संबंध था. दोनों उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए शराब लाकर बेचते थे. पुलिस के अनुसार, इस कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर बंटी यादव और रवीश कुमार के बीच विवाद होता था. इसी विवाद को हत्या की घटना से जोड़कर पुलिस मामले की जांच कर रही है.
Also Read:पटना: MLA बनने के बाद इस आवास में रहेंगे प्रशांत किशोर, जानिए किसके बने पड़ोसी
