Bihar Weather: नवंबर महीने में भी बिहार में क्यों नहीं आ रही ठंड, मौसम विभाग ने बताया कारण

Bihar Weather: बिहार में नवंबर महीने में भी लोग दिन में गर्मी से परेशान हैं. मौसम विभाग ने इसे लेकर बताया है कि आखिर क्यों इस बार ठंड नहीं आ रही है.

Bihar Weather: दिवाली और छठ महापर्व ख़त्म होने के बाद भी ठंड नहीं पड़ रही है. सुबह के समय थोड़ी ठंड का अहसास होता है लेकिन दिन में लोग गर्मी से काफी परेशान हो रहे हैं. छठ पूजा के पारण के दिन या उसके एक सप्ताह के भीतर आमतौर पर गेंहू की बुआई शुरू हो जाती है लेकिन इसबार ठंड की कमी के कारण किसान चिंतित हैं. इसी बीच मौसम विज्ञान केंद्र पटना के मुताबिक पांच साल के बाद एक माह देर से ठंड आने की संभावना है. पहले मौसम विभाग ने बताया था कि 8 नवंबर से तापमान में गिरावट आएगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक 13 नवंबर के आसपास हवा की दिशा में बदलाव होने की उम्मीद है. इससे पारे में गिरावट के आसार बन सकते हैं. हालांकि अगले 48 घंटे तक अभी रात का तापमान सामान्य से काफी अधिक बने रहने का पूर्वानुमान है. पुरवैया चल रही है और उसकी गति भी बेहद धीमी है. नमी अधिक है. इसलिए सुबह के समय धुंध छायी रह रही है. रात में तापमान अधिक रह रहा है. आइएमडी के अनुसार राज्य में तकरीबन सभी जगह पारा सामान्य से छह डिग्री अधिक तक चल रहा है. दिन का तापमान भी सामान्य या सामान्य से अधिक चल रहा है.

क्यों नहीं आ रही ठंड

आइएमडी के अनुसार ला नीना के असर से इस साल देश में अधिक सर्दी पड़ने का पूर्वानुमान है. हालांकि इसका असर बिहार में अभी बिल्कुल नहीं दिख रहा है. उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवा भी नहीं चल रही है. पहाड़ों में बर्फ बारी भी नहीं हो रही. पछुआ भी नहीं चल रही. जिस वजह से ठंड नहीं आ रही.

मौसम विभाग ने बताया कि ला नीना के भारत में नवंबर-दिसंबर में इसके सक्रिय होने के आसार हैं. इसकी सक्रियता से दिसंबर से फरवरी तक कड़ाके की ठंड पड़ सकती है. ला नीना के कारण समुद्री सतह का तापमान बेहद कम हो जाने से वैश्विक स्तर पर पारा औसत से कम हो जाता है. इसके प्रभाव से भारत में इस दौरान अत्यधिक ठंड पड़ती है.

इसे भी पढ़ें:  इतने दिन लेट तो कटेगा एक सीएल, बिहार में शिक्षकों के अटेंडेंस को लेकर नया आदेश

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >