Bihar Tender Scam: बिहार सरकार ने टेंडर घोटाला मामले में आईएएस अधिकारी योगेश सागर और आईएएस अभिलाषा शर्मा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. इस पूरे मामले की शुरुआत ठेकेदार रिशु श्री के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद हुई थी. इसे गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेजा जा चुका है. ईडी की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि टेंडर मैनेज करने के लिए रिशु श्री अलग-अलग सरकारी विभागों में सचिव से लेकर नगर आयुक्त तक की मनचाही पोस्टिंग मैनेज कराता था. रिशु श्री राज्य के बड़े आईएएस अधिकारियों को अपनी उंगलियों पर नचाता था.
आईएएस योगेश सागर को ठेकेदार ने कराई यूरोप की सैर
ईडी की जांच में सामने आया है कि ठेकेदार रिशु श्री ने आईएएस योगेश कुमार सागर और उनके 8 रिश्तेदारों को विदेश यात्रा कराई थी. 22 जून 2024 से 30 जून 2024 तक हुई इस यात्रा के दौरान योगेश कुमार सागर और उनके परिवार के लोग ऑस्ट्रिया के वियाना, साल्जबर्ग और वॉल्फगैंग में घूमे थे. वे वहां के बेहद महंगे और आलीशान होटलों में ठहरे थे. इस पूरी हवाई यात्रा और विदेशी होटलों में रुकने पर कुल 21.92 लाख रुपए खर्च हुए थे. इसका पूरा भुगतान ठेकेदार रिशु श्री ने अपनी जेब से किया था.
आईएएस योगेश के बारे में जानिए
आईएएस योगेश कुमार सागर 2017 बैच के अधिकारी हैं और निलंबन से पहले समाज कल्याण विभाग में तैनात थे. योगेश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2012 में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी. एक वक्त ऐसा भी था जब योगेश कुमार सागर के परिवार के लिए ठीक से पेट भरना तक मुश्किल होता था. उनका बचपन बेहद तंगहाली और कठिन परिस्थितियों में बीता था. योगेश का जन्म 15 अप्रैल 1988 को हुआ था और उनके पिता कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज विभाग में एक कॉन्स्टेबल थे.
आईएएस अभिलाषा शर्मा पर भी लगे गंभीर आरोप
इस घोटाले में सस्पेंड होने वाली दूसरी अधिकारी अभिलाषा शर्मा हैं. अभिलाषा ग्रामीण विकास विभाग में जीविका की सीईओ के पद पर कार्यरत थीं. बिहार कैडर की 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा ने पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री ली है. उनका जन्म 26 जनवरी 1989 को हुआ. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्रालय से की थी और वह बिहार सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं. वह सीतामढ़ी की डीएम रहने के साथ-साथ वित्त विभाग में संयुक्त सचिव भी रह चुकी हैं.
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आईएएस अभिलाषा शर्मा के खिलाफ आरोपों की बात करें तो उनके घर की छत पर एक रूफटॉप गार्डन लगवाया गया था. इस बगीचे को बनवाने में जो 9 लाख रुपए का खर्च आया था. इसका पूरा पैसा ठेकेदार रिशु ने दिया था. इसके अलावा रिशु ने इस महिला आईएएस अधिकारी के रिश्तेदारों को गोवा, दिल्ली और हैदराबाद की हवाई सैर कराई और यात्रा का पूरा खर्च उठाया. इसके अलावा रिशु ने अभिलाषा शर्मा को आईफोन समेत कई अन्य महंगे गिफ्ट भी दिए थे.
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