Bihar Teacher: बिहार के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है. अब उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर नियमित रूप से जनता दरबार आयोजित किया जाएगा. शिक्षा विभाग ने इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया है. विभाग का मकसद है कि शिक्षकों की शिकायतों का निपटारा उनके जिले या प्रखंड स्तर पर ही हो जाए, ताकि उन्हें बार-बार पटना का रुख न करना पड़े.
शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में साफ कहा गया है कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान यथासंभव स्थानीय स्तर पर किया जाए. इससे शिक्षकों का समय बचेगा और स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी.
जिला और प्रखंड स्तर पर होगा शिकायतों का निपटारा
नई व्यवस्था के तहत जिला और प्रखंड स्तर पर आयोजित जनता दरबार को शिकायत निवारण का प्रमुख माध्यम बनाया गया है. विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित तिथियों पर होने वाले जनता दरबार में शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान किया जाए.
शिक्षा विभाग का कहना है कि जनता दरबार की व्यवस्था होने के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी शिकायत लेकर सीधे राज्य मुख्यालय पहुंच रहे हैं. इससे शिक्षकों को भी परेशानी होती है और विभागीय कामकाज पर भी असर पड़ता है.
मुख्यालय पर निर्भरता कम करने का प्रयास
विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे जनता दरबार, ई-शिक्षाकोष पोर्टल और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था का बेहतर उपयोग करें. इसके जरिए शिकायतों का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए.
शिक्षा विभाग का मानना है कि अगर अधिकतर समस्याओं का समाधान जिले और प्रखंड स्तर पर ही हो जाए तो राज्य मुख्यालय पर दबाव कम होगा.
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर पहले से मौजूद है सुविधा
शिक्षकों के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा पहले से उपलब्ध है. इस पोर्टल पर एक विशेष ग्रीवांस मॉड्यूल तैयार किया गया है, जहां शिक्षक अपनी लॉगिन आईडी के माध्यम से सभी प्रकार की शिकायतें दर्ज कर सकते हैं.
शिक्षकों द्वारा दर्ज शिकायतों की समीक्षा प्रत्येक मंगलवार को होने वाली साप्ताहिक बैठक में की जाती है. विभागीय अधिकारी इन मामलों की प्रगति पर नजर रखते हैं और समाधान की स्थिति की समीक्षा करते हैं.
लंबित शिकायतों को लेकर विभाग सख्त
विभागीय समीक्षा में यह सामने आया है कि कई जिलों में अब भी बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित हैं. इसी वजह से शिक्षा विभाग ने शिकायत निपटारे की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के लिए नया एसओपी लागू किया है.
नई व्यवस्था में यह भी तय किया गया है कि किस प्रकार की शिकायत का समाधान किस स्तर पर किया जाएगा और संबंधित अधिकारी की क्या जिम्मेदारी होगी.
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वेतन और सेवा संबंधी समस्याओं पर रहेगा विशेष फोकस
शिक्षा विभाग द्वारा जारी एसओपी में स्थानांतरण से जुड़े मामलों को अलग रखा गया है. इसके अलावा वेतन भुगतान, सेवा संबंधी समस्याएं और अन्य प्रशासनिक शिकायतों के निपटारे के लिए स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है.
विभाग का कहना है कि शिक्षकों को अपने कार्यस्थल के पास ही समाधान मिले, ताकि वे कार्यालयों के चक्कर लगाने में समय बर्बाद करने के बजाय पूरी निष्ठा के साथ विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर सकें. इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
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