Bihar Road Project: बिहार के गांवों और टोलों के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने मेगा प्लान तैयार कर लिया है. मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में 100 या इससे अधिक आबादी वाली छूटे हुए इलाकों को बारहमासी सड़क से जोड़ा जाएगा. यह काम 2026 में ही पूरा कर लेने का लक्ष्य तय किया गया है.
योजना के तहत कुल 13 हजार 814 ऐसे इलाके हैं, जहां पक्की सड़कें नहीं हैं. इन इलाकों में 16 हजार 652 किलोमीटर ग्रामीण सड़क का निर्माण किया जाएगा. साल 2026-27 में विभाग ने इस योजना को लेकर कुल 4 हजार 500 इलाकों के लिए सड़क की स्वीकृति देने और 3 हजार किलोमीटर लंबाई के ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है.
PMGSY में 300 किमी सड़क और 300 पुलों का लक्ष्य
विभाग का संकल्प है कि राज्य का कोई भी हिस्सा पक्की और बारहमासी सड़क संपर्कता से छूटा ना रहे, ताकि ग्रामीण इलाकों में आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिल सके. इसके साथ ही ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत 100 से 249 तक की आबादी वाले कुल 4 हजार 643 टोलों को एकल सड़क संपर्कता प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके बचे हुए सड़क का निर्माण कार्य साल 2026-27 में पूरा कर लिया जाएगा.
साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भी तेज गति से काम करने की तैयारी है, जिसके लिए साल 2026-27 में 300 किमी सड़क और 300 पुलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. नई सड़कों के निर्माण के साथ-साथ पुरानी सड़कों के बेहतर प्रबंधन पर भी विभाग का विशेष ध्यान है. इसे लेकर सभी सड़कों के शुरुआती सुधार, माइनर इम्प्रूवमेंट और सरफेस रिन्यूवल का काम पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य तय किया गया है.
हर गांव तक बारहमासी सड़क पहुंचाने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, अब तक कुल 18 हजार 166 ग्रामीण सड़कों (30 हजार 966 किलोमीटर) की स्वीकृति दी गई है. इनमें अब तक 470 सड़कों का काम पूरा कर लिया गया है. साथ ही कुल 9,176 किलोमीटर सड़क के सतह का काम भी पूरा हो चुका है. अलग-अलग योजनाओं के इन सभी तय लक्ष्यों को एक तय समय-सीमा के अंदर हासिल करने और बिहार के हर गांव तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग तेजी से काम कर रहा.
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