October Holiday: अक्टूबर में छुट्टियों की भरमार, लगातार 4 दिन बंद रहेंगे स्कूल और बैंक, देखें पूरी लिस्ट

October Holiday: अक्टूबर माह में कई दिन स्कूल, बैंक और दफ्तर बंद रहेंगे. त्योहारी सीजन में अगर आप अपने परिवार या दोस्त के साथ कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आप छुट्टियों की लिस्ट एक बार देख लीजिये.

October Holiday: बिहार के लोगों के लिए अक्टूबर का महीना छुट्टियों भरा रहने वाला है. इस महीने में बच्चों के साथ बड़ों की भी मौज रहेगी क्योंकि दशहरा, दीवाली जैसे बड़े त्योहार और कुछ विशेष दिन आने वाले हैं. अक्टूबर माह में कई दिन स्कूल, बैंक और अन्य सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे. छुट्टियों के दिन में अगर आप अपने परिवार या फ्रेंड के साथ कहीं बाहर घूमने प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए बेहतरीन मौका है. आइये जानते हैं कि अक्टूबर महीने में कितने की छुट्टी रहने वाली है.

कब-कब छुट्टी

अक्टूबर महीने में पहली छुट्टी 2 तारीख को है. गांधी जयंती के दिन बिहार समेत पूरे देश में सार्वजनिक छुट्टी रहती है, ऐसे में स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी दफ्तर सब बंद रहते हैं. इसके अलावा इस वर्ष अक्टूबर महीने के शुरूआती दिनों में ही दुर्गा पूजा भी मनाया जाने वाला है. नवरात्रि के कारण इस बार लगातार 10,11 और 12 अक्टूबर को छुट्टी रहेगी. फिर अगले दिन रविवार बार है तो ऐसे में सभी को लगातार चार दिनों की छुट्टी मिलने वाली है. इस माह के अंत में दीपावली का त्योहार भी है. दिवाली के मौके पर बिहार में सभी स्कूल, कॉलेज, बैंक, सरकारी ऑफिस 31 अक्टूबर को बंद रहेगा. सभी रविवार को मिलाकर देखा जाए तो अक्टूबर में 9 दिनों की छूट्टी मिलने वाली है.

अक्टूबर में छुट्टियों की लिस्ट (October Holiday List)

2 अक्टूबर- गांधी जयंती
6 अक्टूबर- रविवार
10 अक्टूबर- दुर्गा अष्टमी
11 अक्टूबर- दुर्गा नवमी
12 अक्टूबर- विजयादशमी
13 अक्टूबर- रविवार
20 अक्टूबर- रविवार
27 अक्टूबर- रविवार
31 अक्टूबर- दीपावली

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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