Bihar News: बिहार में हर दिन बन रहे 326 प्रधानमंत्री आवास, कुल सात लाख 90 हजार आवास बनाने का लक्ष्य

Bihar News: बिहार को कुल सात लाख 90 हजार 648 आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक 36 लाख 99 हजार 740 आवास निर्माण की प्रथम किस्त और 36 लाख 68 हजार 581 आवास निर्माण की दूसरी किस्त दी जा चुकी है.

Bihar News: पटना. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि राज्य में औसतन हर दिन 326 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि समय-सीमा के अंदर आवास पूर्ण करने पर ग्रामीण आवास सहायकों को 600 रुपये की सहायता राशि दी जाती है. ग्रामीण आवास सहायक अपने मूल पदस्थापित पंचायत में बुधवार को और अतिरिक्त प्रभार वाले पंचायत में शुक्रवार को आवास दिवस का आयोजन करते हैं. मंत्री बुधवार को विधानसभा आरा के विधायक अमरेंद्र प्रताप सिंह के तारांकित प्रश्न का जवाब दे रहे थे. ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर 2021-22 तक राज्य को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 37 लाख एक हजार 138 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें अभी तक 37 लाख 696 आवासों की स्वीकृति दी गयी है.

पीएम आवास के लिए तीसरी किस्त भी जारी

प्रदेश के जिलों में अब तक 36 लाख 99 हजार 740 आवास निर्माण की प्रथम किस्त और 36 लाख 68 हजार 581 आवास निर्माण की दूसरी किस्त दी जा चुकी है. इनमें से 36 लाख 51 हजार 824 आवासों के लिए तीसरी किस्त भी जारी कर दी गयी है. पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान 41 हजार 822 आवास अपूर्ण हैं. उन्होंने बताया कि वैसे लोग जिनको आवास आवंटित किया गया है और वे घर छोड़ कर चले गये हैं उनके फोन नंबर का पता लगाने के लिए पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है. उनसे संपर्क होने के बाद उनको बुलाकर आवास निर्माण की पहल की जायेगी. उन्होंने बताया कि वैसे लाभुक जिनको आवास आवंटित होने के बाद निधन हो गया है उनके आश्रितों के नाम पर घर को आवंटित किया जायेगा.

सात लाख 90 हजार आवास बनाने का लक्ष्य

ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिहार को कुल सात लाख 90 हजार 648 आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इनमें से छह लाख 21 हजार 20 परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गयी है. साथ ही दो लाख 38 हजार 693 को पहली किस्त, एक लाख 90 हजार 410 को दूसरी किस्त और एक लाख छह हजार 514 को तीसरी किस्त जारी की गयी है. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बीआरडीएस के तहत काम करने वाले पंचायत तकनीकी सहायक के मानदेय को लेकर एक कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया है. यह कमेटी मानदेय को लेकर व्यापक आधार पर मानदेय को लेकर समीक्षा करेगी. समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी. ग्रामीण विकास मंत्री बुधवार को विधानसभा में डुमरांव के विधायक अजीत कुमार सिंह के तारांकित प्रश्न का जवाब दे रहे थे.

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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