Union Budget 2025: कहीं खुशी कहीं गम, चुनाव से पहले केंद्रीय बजट पर जानें बिहार के नेताओं की प्रतिक्रिया

Union Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बिहार के लिए कई बड़े तोहफों का ऐलान किया. चुनावी वर्ष में हुए ऐलान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है.

Union Budget 2025: बिहार के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को अगले वित्तीय वर्ष के आम बजट को पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की. इसके बाद सत्ताधारी एनडीए के नेताओं का जोश बढ़ा हुआ है, वहीं विपक्ष के नेता इस बजट में की गई घोषणाओं को हवा-हवाई बता रहे हैं. 1 फरवरी को पेश हुए केंद्रीय बजट में बिहार के लिए पश्चिमी कोसी नहर परियोजना, फूड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट की स्थापना, नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण, मखाना बोर्ड की स्थापना, IIT के विस्तार जैसी कई घोषणाएं की गई हैं. बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाला है तो इस वजह से सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं.

बीजेपी नेता बोले- प्रधानमंत्री मोदी ने खोल दिया खजाना

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बजट में बिहार के लिए खजाना खोल दिया है. बजट में बिहार के लिए तोहफों की बारिश कर दी है. वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया बजट ऐतिहासिक और बिहार को समर्पित बजट है. उन्होंने कहा कि बजट में बिहार के किसानों, युवाओं, उद्यमियों, कारोबारियों एवं महिलाओं, हर किसी की फिक्र की गई है। आम बजट 2025-26 विकसित भारत का संकल्प पूरा करने का रोडमैप है तो विकसित बिहार का भी रोडमैप है. इस बजट में पूरे देश के किसानों, गरीबों, महिलाओं, बच्चों, मध्यम वर्ग और युवाओं के साथ बिहार को भी कई सौगातें दी गई हैं.

बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष ने बजट को बताया हवा-हवाई

कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट में बिहार के लिए फिर से हवा-हवाई घोषणाएं करने वाली केंद्र सरकार पिछले लोक-लुभावन बजट में हुई घोषणाओं को ही लागू नहीं कर पाई और फिर से नई घोषणाएं करके तारीफ लेने की कवायद में लगी है. यह बजट युवाओं, बेरोजगारों, किसानों, मजदूरों के हित और बिहार की मूलभूत मांगों को दरकिनार करने वाला है. उन्होंने कहा कि बिहार के लिए इस बजट को चुनावी घोषणा का रूप दिया गया, लेकिन जनता को इस बजट से कोई सीधा लाभ नहीं है। यह ढांचागत विकास के मुद्दों को भी नहीं छूता है.

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जीतन राम मांझी बोले- आंसू पोछने के लिए खादी के गमछे का इस्तेमाल करें

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बजट की आलोचना पर विपक्ष पर जोरदार तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज बजट के बाद से बिहार विरोधियों के आंसू रुकने के नाम नहीं ले रहे होंगे। वैसे, बिहार विरोधियों को मेरी सलाह है कि आंसू पोंछने के लिए खादी के गमछे का ही उपयोग कीजिएगा, इससे आंसू भी जल्द सूख जाएंगे और हमारे ‘खादी इंडिया’ के लोगों को रोजगार भी मिलेगा।”

तेजस्वी बोले- गरीब विरोधी बजट

बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा, “आज का बजट बिहार के प्रति भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है. मेरा मानना ​​है कि यह ग्रामीण विरोधी, गरीब विरोधी बजट है. बिहार को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा है. हवाईअड्डे बनाने की बात हुई थी, लेकिन कहां, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है कि कब, या कैसे उनका निर्माण किया जाएगा, या कितनी धनराशि आवंटित की जाएगी.”

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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