Patna Crime: फुलवारीशरीफ थाना के एक मामले में न्यायालय की अभिरक्षा से फरार चल रहे अभियुक्त शैलेंद्र कुमार उर्फ भूमिया ने गुरुवार को पटना व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. अभियुक्त उसी अदालत में सरेंडर कर जमानत की गुहार लगाने पहुंचा था, जहां से वह पूर्व में न्यायिक अभिरक्षा में लिये जाने के दौरान फरार हो गया था. न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर उसे तत्काल न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया.
जमानत के लिए दाखिल की थी याचिका
जानकारी के अनुसार, फुलवारीशरीफ थाना के अभियुक्त शैलेंद्र कुमार ने पटना व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण सह जमानत याचिका दायर की थी. मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम-9) की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेजने का आदेश दिया.
एक जुलाई को रद्द हुआ था जमानत बंधपत्र
शैलेंद्र कुमार, पिता वीरेंद्र कुमार चौधरी, निवासी सरिस्ताबाद रोड, न्यू यारपुर, गर्दनीबाग का जमानत बंधपत्र एक जुलाई 2026 को न्यायालय द्वारा रद्द कर दिया गया था. इसके बाद जब वह अदालत में उपस्थित हुआ तो उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया गया था. हालांकि, न्यायिक अभिरक्षा में लिये जाने की प्रक्रिया के दौरान वह न्यायालय की अभिरक्षा से फरार हो गया था. इसके बाद से वह फरार चल रहा था.
अदालत ने नहीं दी कोई राहत
गुरुवार को आत्मसमर्पण करने के बाद अभियुक्त ने जमानत की मांग की, लेकिन न्यायालय ने पूर्व में न्यायिक अभिरक्षा से फरार होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए उसे किसी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया. अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए तत्काल न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया. मामले में न्यायालय के इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया की गंभीरता और अभिरक्षा से फरार होने जैसे मामलों के प्रति सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है.
