जिले के प्रत्येक स्कूल को पौधे लगाने और उपकरण खरीद के लिए मिलेंगे पांच हजार रुपये

जिले के सरकारी स्कूलों को हरा-भरा बनाने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. बरसात के मौसम में जिले के स्कूलों में दो लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है

– जिले के स्कूलों में लगाये जायेंगे दो लाख पौधे

संवाददाता, पटना

जिले के सरकारी स्कूलों को हरा-भरा बनाने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. बरसात के मौसम में जिले के स्कूलों में दो लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. जिन स्कूलों में अधिक जगह होगी वहां पर बड़ी संख्या में पौधारोपण किया जायेगा. वहीं जिन स्कूलों में जगह की कमी होगी, वहां गमले में पौधे लगाये जायेंगे. इसके साथ ही स्कूलों में बनी पोषण वाटिका में भी बच्चों को बागबानी के गुर सिखाये जायेंगे. पोषण वाटिका की देखभाल बच्चे और शिक्षकों के सहयोग से की जायेगी. स्कूल प्रांगण को हरा-भरा बनाने और पोषण वाटिका के निर्माण के लिए प्रत्येक स्कूल को पांच-पांच हजार रुपये आवंटित किये गये हैं. जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से आवंटित राशि स्कूलों को भेजी जा रही है. स्कूलों को पांच हजार रुपये में बागवानी के लिए विभिन्न उपकरण खरीदने हैं. स्कूलों को दी गयी राशि से फेंसिंग वायर, खुरपी, कुदाल, पौधे में पानी देने के लिये पाइप व अन्य उपकरण खरीदे जायेंगे. जिले के स्कूलों में गर्मी छुट्टी के बाद दो लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है.

पोषण वाटिका तैयार करने के लिए 824 स्कूलों को किया गया चिह्नित

जिले में पोषण वाटिका तैयार करने के लिए पहले चरण में 824 स्कूलों का चयन किया गया है. इसकी मैपिंग भी पूरी कर ली गयी है. जिन स्कूलों में अधिक जगह होगी, वहां बड़े होने वाले पेड़ के पौधे लगाएं जायेंगे. जिन स्कूलों में जगह कम होगी वहां फूल-पत्तियों वाले पौधे लगाये जायेंगे. प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में गमले में या खाली जगह पर मिट्टी भर कर मौसमी सब्जियां भी उगायी जायेंगी. सब्जियों में पालक, मूली, धनिया, मेथी, टमाटर, मिर्च, गाजर, पुदीना, गोभी सहित अन्य मौसम के अनुसार सब्जियां उगायी जायेंगी.

चेतना सत्र में बच्चों को किया जायेगा गाइड

स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं के बच्चों को प्रत्येक सप्ताह बुधवार के दिन चेतना सत्र में पोषण वाटिका को बेहतर बनाने के लिए बच्चों को गाइड किया जायेगा. इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष पोषण माह के दौरान स्कूलों में प्रखंड स्तर पर पोषण मेला भी आयोजित किया जायेगा. मेला में पोषण व खाद्य विविधता का प्रदर्शन, जागरूकता व प्रतियोगिता भी आयोजित की जायेगी. इसके साथ ही प्रत्येक छह माह पर अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित कर बागवानी के महत्व को बताने के साथ ही इसे घरों में भी तैयार करने के लिए प्रेरित किया जायेगा.

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Author: AMBER MD

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