देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार शरजील इमाम की बढ़ी मुश्किलें

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पटना : देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार शरजील इमाम को दिल्ली पुलिस की एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. शरजील इमाम को सीएए के खिलाफ 15 दिसंबर को न्यू फ्रेंडस कॉलोनी में हिंसक प्रदर्शनों से जुड़े मामले में हिरासत में भेजा गया है. देशद्रोह के अलावा शरजील इमाम न्यू फ्रेंडस कॉलोनी […]

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पटना : देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार शरजील इमाम को दिल्ली पुलिस की एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. शरजील इमाम को सीएए के खिलाफ 15 दिसंबर को न्यू फ्रेंडस कॉलोनी में हिंसक प्रदर्शनों से जुड़े मामले में हिरासत में भेजा गया है. देशद्रोह के अलावा शरजील इमाम न्यू फ्रेंडस कॉलोनी में हिंसक प्रदर्शन केस में भी आरोपी है. पुलिस का दावा है कि हिंसा मामले में शामिल एक आरोपी ने शरजील इमाम पर भाषण देकर भीड़ को उकसाने की बात कही है. पुलिस की दलील के बाद मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहन कौर ने इमाम को हिरासत में भेज दिया.

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शरजील इमाम पर देशद्रोह का आरोप

जेएनयू का रिसर्च स्कॉलर शरजील इमाम पर देशविरोधी भाषण देने के बाद देशद्रोह का केस किया गया है. इमाम ने असम को देश के अन्य हिस्सों से अलग करने का विवादित बयान दिया था. विवादित भाषण के वीडियो के वायरल होने के बाद शरजील इमाम फरार चल रहा था. इस मामले में शरजील इमाम को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए कस्टडी में रखा था. जिसके बाद 6 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. इमाम पर आईपीसी की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इसमें दोषी साबित होने पर तीन साल की सजा के साथ आजीवन कारावास का प्रावधान है.

बिहार के जहानाबाद जिले से गिरफ्तारी

शरजील इमाम को देशविरोधी भाषण देने के आरोप में बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था. उसे जहानाबाद के काको गांव से पकड़ा गया था. देशद्रोह और दूसरे संगीन आरोपों में फंसने के बाद इमाम पटना भी आया था. उसने पटना और गया में सीएए के खिलाफ धरना देने वालों से भी मुलाकात की थी. देशद्रोह का केस दर्ज होने के बाद कई राज्यों की पुलिस शरजील इमाम की तलाश कर रही थी.

CAA के खिलाफ हुआ था हिंसक प्रदर्शन

पिछले साल 15 दिसंबर को सीएए के खिलाफ न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हिंसक प्रदर्शन हुये थे. प्रदर्शनकारियों ने चार सरकारी बसों और दो पुलिस गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था. प्रदर्शन में छात्रों, पुलिसकर्मियों और फायरबिग्रेड के कर्मियों समेत करीब 60 लोग घायल हो गये थे. पुलिस ने आक्रोशित भीड़ पर लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे. दंगाईयों का पीछा करते हुये पुलिस जामिया परिसर में प्रवेश कर गयी थी. हालांकि, जामिया के छात्रों ने हिंसा में शामिल होने से इंकार करते हुए पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाया था.

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