पटना : दुकानदारों को कारोबार बंद होने का डर

पटना : दवा दुकानदारों को कारोबार बंद होने का डर सताने लगा है. उनका कहना है कि सरकार का नया नियम हमारी दुकानों को स्थायी रूप से बंद कर देगा. वह बताते हैं कि नये नियम के मुताबिक हर दवा दुकान के पास एक फार्मासिस्ट होना चाहिए. लेकिन, राज्य में सिर्फ साढ़े सात हजार फार्मासिस्ट […]

पटना : दवा दुकानदारों को कारोबार बंद होने का डर सताने लगा है. उनका कहना है कि सरकार का नया नियम हमारी दुकानों को स्थायी रूप से बंद कर देगा. वह बताते हैं कि नये नियम के मुताबिक हर दवा दुकान के पास एक फार्मासिस्ट होना चाहिए. लेकिन, राज्य में सिर्फ साढ़े सात हजार फार्मासिस्ट है. सरकार ने खुद 35 हजार से ज्यादा दवा दुकानों को लाइसेंस बांटा है. ऐसा ही था तो लाइसेंस देना ही नहीं चाहिए था. अब इस आधार पर कार्रवाई की जा रही है. दवा दुकानदारों में भय व गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है.
बिहार में सिर्फ चार फार्मेसी कॉलेज : बिहार केमिस्टस एंंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन के महासचिव अमरेंद्र कुमार कहते हैं कि पूरे बिहार में चार फार्मेसी कॉलेज हैं. एक वर्ष में यहां अधिकतम 240 फार्मासिस्ट ही तैयार हो सकते हैं. ऐसे में इतनी ज्यादा दुकानों में कहां से फार्मासिस्ट आयेंगे. सरकार के फैसले के कारण हमारे सामने रोजी-रोटी की समस्या आ गयी है. एसो के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार सिंह कहते हैं कि फार्मासिस्ट समस्या के समाधान के लिए सीएम, डिप्टी सीएम, स्वास्थ्य मंत्री, विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर परेशानी बता चुके हैं पर सुनवाई नहीं हुई. इसके उलट विभाग ने सर्कुलर नंबर 262/ 15 जारी कर दिया.

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