ट्रांसजेंडर सेे की शादी, अब पहचानने से कर रहा इन्कार

पटना : बिहार राज्य महिला आयोग में पति की ओर से स्वीकार नहीं किये जाने पर न्याय की आस लिए एक ट्रांसजेंडर आवेदन देने पहुंची. अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा को आवेदिका ने बताया कि उसकी शादी हिंदू रीति-रिवाज के साथ 25 मार्च, 2019 में आरा में स्थित बखोरापुरवाली काली मंदिर में किया गया. लड़के को इसकी […]

पटना : बिहार राज्य महिला आयोग में पति की ओर से स्वीकार नहीं किये जाने पर न्याय की आस लिए एक ट्रांसजेंडर आवेदन देने पहुंची. अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा को आवेदिका ने बताया कि उसकी शादी हिंदू रीति-रिवाज के साथ 25 मार्च, 2019 में आरा में स्थित बखोरापुरवाली काली मंदिर में किया गया.

लड़के को इसकी जानकारी थी कि वो एक ट्रांसजेंडर है, इसके बावजूद उससे शादी की. शादी के कुछ दिनों तक दोनों खुशी-खुशी रहे. लेकिन, कुछ दिनों के बाद दोनों अपने-अपने काम के सिलसिले में अलग रहने लगे. जब आवेदिका उसे फोन करती थी, तो वह फोन नहीं उठाता था.
बात नहीं होने पर जब किसी दूसरे से फोन करवाया, तो लड़के ने कहा कि दोबारा कॉल किया तो खुद को और अपने परिवार को मार डालूंगा और सारा इल्जाम तुम लोगों पर डाल दूंगा. मुझे इंसाफ चाहिए और पति से जवाब कि आखिर वे मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं. ट्रांसजेंडर ने साक्ष्य को लेकर शादी और मुलाकात की कई तस्वीरें और मंदिर का मैरेज सर्टिफिकेट भी दिखाया.
आवेदिका की बात सुनने के बाद वहां आये पति विकास कुमार ने कहा कि आवेदिका जो एक ट्रांसजेंडर हैं, उस पर गलत आरोप लगा रही हैं. मैं इसे नहीं जानता हूं और साक्ष्य के तौर पर उसने जो कुछ भी दिया है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है.
मेरी इससे शादी कभी नहीं हुई है. दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद आयोग की ओर से दोनों को अपने-अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात की और 28 फरवरी को यहां आने की तारीख दी गयी है.

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