पटना : जिलों में बनेगी दंगा निरोधक इकाई, आरपीएफ के तर्ज पर पर काम करेगी यूनिट

कौशिक रंजन पटना : राज्य की सभी जिलों में आने वाले आठ-दस महीने में दंगा निरोधक इकाई का खासतौर से गठन कर दिया जायेगा. इस इकाई का गठन सीआरपीएफ की रैफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के तर्ज पर किया जा रहा है. इनका नाम भी स्टेट रैफ देने का प्रस्ताव है. हालांकि पटना समेत कुछ एक […]

कौशिक रंजन
पटना : राज्य की सभी जिलों में आने वाले आठ-दस महीने में दंगा निरोधक इकाई का खासतौर से गठन कर दिया जायेगा. इस इकाई का गठन सीआरपीएफ की रैफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के तर्ज पर किया जा रहा है. इनका नाम भी स्टेट रैफ देने का प्रस्ताव है. हालांकि पटना समेत कुछ एक अन्य जिलों में इनका गठन प्रयोग के तौर पर किया गया है.
परंतु अब सभी जिलों में कम से कम एक दंगा निरोधक इकाई का गठन इस वर्ष में कर लिया जायेगा. इसके लिए सभी जिलों में जिला पुलिस बल से जवानों का चयन किया जा रहा है. चयन के बाद इन जवानों को दंगा निरोधक, हंगामा या किसी तरह के बवाल को नियंत्रित करने के लिए अलग से विशेष ट्रेनिंग दी जायेगी. इन्हें ट्रेनिंग देने की व्यवस्था राज्य में मौजूद पुलिस के अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटरों में करने की योजना है.
आठ से 10 महीने के अंदर तैयार हो जायेगी यूनिट
हालांकि इनके लिए ट्रेनिंग मॉड्यूल को अंतिम रूप दिया जा रहा है. ट्रेनिंग निदेशालय के स्तर पर इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसके बाद यह तय होगा कि इन्हें कितने दिनों की ट्रेनिंग दी जाये. साथ ही यह ट्रेनिंग जिला स्तर पर करायी जाये या सभी जिलों के जवानों की ट्रेनिंग कुछ चुनिंदा ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ समेकित रूप से करायी जाये.
जवान दंगा को करेंगे कंट्रोल
एक कंपनी में करीब एक सौ के आसपास जवान होते हैं. जिला स्तर पर तैयार होने वाली प्रत्येक कंपनी में मुख्य रूप से उन जवानों का चयन किया जायेगा, जिनका पासिंग ऑउट परेड हो गया है या कहे जिन्होंने सिपाही की ट्रेनिंग पूरी कर ली है.
इन जवानों को दंगा, फसाद या किसी तरह के बवाल या हंगामा को नियंत्रित करने का अलग से प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसके लिए अलग से कोर्स मॉड्यूल तैयार किया गया है. इन जवानों को दंगा निरोधक खास तरह के हथियार भी दिये जायेंगे और उन्हें चलाने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जायेगा. इसमें टीयर गन, पैलेट गन जैसे अन्य हथियार शामिल हैं.
जवानों का चयन कर ट्रेनिंग
इस मामले में डीजी
ट्रेनिंग आलोक राज का कहना है कि इनके लिए ट्रेनिंग मॉड्यूल को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जायेगा. इसके बाद जवानों का
चयन कर ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.

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