पटना : अल्पसंख्यकों को बरगला रहीं विपक्षी पार्टियां : सुशील मोदी

पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर राजद, कांग्रेस, वामपंथी पार्टियां समेत सभी विपक्षी पार्टियां अल्पसंख्यकों को बरगला रही हैं. उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अनुरोध करते हुए कहा कि वे किसी भ्रम में नहीं आयें. आने वाले आठ-नौ महीने में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसी […]

पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर राजद, कांग्रेस, वामपंथी पार्टियां समेत सभी विपक्षी पार्टियां अल्पसंख्यकों को बरगला रही हैं.
उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अनुरोध करते हुए कहा कि वे किसी भ्रम में नहीं आयें. आने वाले आठ-नौ महीने में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसी वजह से इस मुद्दे पर भ्रम फैलाकर सभी राजनैतिक दल अपनी रोटी सेंकने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा पड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाकर बुने हुए इस भ्रमजाल को तोड़ेगी. यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं है.
बंद के दौरान हुए हमले पर राजद मांगे माफी : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा कि नागरिकता कानून को लेकर तरह-तरह की अफवाह और भ्रम फैलाकर जब पूरे राज्य को हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के हवाले किया जा रहा था, तब लालू प्रसाद ने सबको प्रेम से गले लगाने की अपील क्यों नहीं की. राजद को बंद के दौरान हुई हर ज्यादती और पत्रकारों पर हमले के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए. पूरे बंद के दौरान उन दो ही समुदायों के लोग डंडे-पत्थर लिए शामिल हुए थे, जिनका पार्टी पर 95 फीसदी कब्जा है.
एक अन्य ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलीला मैदान की विशाल जनसभा में फिर साफ किया कि भारत में रहने वाले किसी नागरिक को न तो नये सिरे से अपनी नागरिकता सिद्ध करनी है, न किसी की नागरिकता छीनी जायेगी. इसके बावजूद कांग्रेस, उसके समर्थक दल और शहरी नक्सली वोट बैंक की खातिर मुसलमानों को झूठ बोल कर गुमराह कर रहे हैं. नागरिकता कानून के खिलाफ केवल दो तरह के लोग हैं- एक जिन्होंने वोट बैंक के सहारे राज किया और दूसरे वे जो इस राजनीति की वजह से विशिष्ट नागरिक बन कर गरीब देश के संसाधनों की मलाई काटते रहे.
कांग्रेस बताये कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तीन देशों में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की मांग नहीं की थी. अगर कांग्रेस और राजद को लगता है कि मनमोहन सिंह कोई असंवैधानिक मांग नहीं कर रहे थे, तब देश में आग क्यों लगाई जा रही है. संविधान बचाने के नाम पर हिंसा कितनी जायज है.

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