पटना सिटी : वक्फ की जमीन खाली करें, नहीं तो किराया दें

पटना सिटी : देखिए आप लोग जिस जमीन पर रह रहे है, यह शिया वक्फ बोर्ड की जमीन है. जिसका बोर्ड भी लगा हुआ है. जमीन का उपयोग धार्मिक कार्य के लिए होता है. ऐसे में इसे खाली करना होगा, नहीं तो रहने के एवज में किराया बोर्ड को देना होगा. बुधवार को बोर्ड के […]

पटना सिटी : देखिए आप लोग जिस जमीन पर रह रहे है, यह शिया वक्फ बोर्ड की जमीन है. जिसका बोर्ड भी लगा हुआ है. जमीन का उपयोग धार्मिक कार्य के लिए होता है.
ऐसे में इसे खाली करना होगा, नहीं तो रहने के एवज में किराया बोर्ड को देना होगा. बुधवार को बोर्ड के चेयरमैन इरशाद अली आजाद आलगंज थाना क्षेत्र के गायघाट स्थित चांद कॉलोनी के समीप जब वहां निरीक्षण को पहुंचे और इस तरह का आदेश देते हुए लोगों को समझा कर चले गये. अचानक दिये गये आदेश से के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गये. इसके बाद दर्जनों की संख्या में पीड़ित आशियाना बचाने के लिए अनुमंडल कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन कर मांगों का ज्ञापन एसडीओ राजेश रौशन को सौंपा.
जिसमें कहा गया है कि वह सैकड़ों वर्ष से पीढ़ी दर पीढ़ी रहते आ रहे हैं. ऐसे में अचानक आकर अध्यक्ष की ओर से यह कहना कि इसे खाली करे या किराया दें. जो न्यायोचित नहीं है. पीड़ित लोगों का कहना है कि गांधी सेतु के निर्माण के समय भी पुल निर्माण निगम की ओर से भी जमीन का आवंटन किया गया था. हालांकि इस मामले में बोर्ड के अध्यक्ष इरशाद अली आजाद ने बताया कि कब्रिस्तान व मस्जिद की जमीन है, जो बोर्ड के अधीन है. जिसका बोर्ड भी वहां लगा हुआ है.
न्यायालय व गृह विभाग के आदेश के आलोक में इन लोगों को कहा गया है कि वह खाली करें. ऐसा नहीं होता है, तो प्रशासन के सहयोग से खाली कराया जायेगा, क्योंकि न्यायालय का आदेश है. जिसका अनुपालन बोर्ड की ओर से कराया जायेगा.

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