पटना हाइकोर्ट का आदेश, 2009 के आवेदकों से ही सिपाही के खाली पद भरें

पटना : पटना हाइकोर्ट ने 2009 में सिपाही नियुक्ति के लिए निकाले गये विज्ञापन के आवेदकों से ही सिपाहियों के बचे हुए पदों को आठ सप्ताह में भरने का निर्देश डीजीपी को दिया है. मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने रणधीर कुमार व अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई […]

पटना : पटना हाइकोर्ट ने 2009 में सिपाही नियुक्ति के लिए निकाले गये विज्ञापन के आवेदकों से ही सिपाहियों के बचे हुए पदों को आठ सप्ताह में भरने का निर्देश डीजीपी को दिया है. मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने रणधीर कुमार व अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
इसके साथ ही कोर्ट ने अवमानना याचिका निष्पादित कर दी. कोर्ट ने पुलिस महकमे को यह भी हिदायत दी कि यदि कोर्ट द्वारा तय समय सीमा के अंदर सिपाहियों की उन रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गयी, तो पुलिस मुख्यालय और सिपाही भर्ती आयोग को हाइकोर्ट के आदेश की अवमानना के लिए जिम्मेदार माना जायेगा.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की तरफ से वकील राजीव कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि हाइकोर्ट ने 12 अगस्त, 2014 को ही आदेश दिया था कि 2009 की सिपाही भर्ती प्रक्रिया का जो अंतिम रिजल्ट 18 दिसंबर, 2010 को आया हैं, उसमें सुधार करें. यह रिजल्ट 10,110 उम्मीदवारों के लिए आया था. रिजल्ट में सुधार करने के बाद सफल उम्मीदवारों की संख्या बढ़कर 13,468 हो गयी, पर बढ़े हुए आरक्षियों के रिक्त पदों पर अब तक नियुक्ति नहीं की गयी .

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