पटना : पैसे खर्च किये, नहीं दिया उपयोगिता प्रमाणपत्र, खाते में पड़े हैं 716 करोड़

लापरवाही के कारण निगम को नहीं मिल रही राशि पटना : नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं का अभाव नहीं हो, इसको लेकर विभाग की ओर से अलग-अलग मद से राशि आवंटित की जाती है. लेकिन, निगम प्रशासन की ओर से खर्च की गयी राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र वर्षों से विभाग […]

लापरवाही के कारण निगम को नहीं मिल रही राशि
पटना : नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं का अभाव नहीं हो, इसको लेकर विभाग की ओर से अलग-अलग मद से राशि आवंटित की जाती है. लेकिन, निगम प्रशासन की ओर से खर्च की गयी राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र वर्षों से विभाग को नहीं सौंपे जाने से विभाग ने स्वीकृत राशि का आवंटन बंद कर दिया. स्थिति यह है कि निगम की अनदेखी से विभाग के खजाने में 716 करोड़ रुपये पड़े हैं. अगर निगम को यह राशि मिलती, तो नागरिक सुविधाओं से संबंधित हजारों लंबित योजनाएं निर्धारित समय पर पूरी की जा सकती थीं.
मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत कच्ची नाली-गली को पक्कीकरण करना है. इसको लेकर निगम की ओर से वित्तीय वर्ष 2018-19 में 335 करोड़ की मांग की गयी, जिसमें सिर्फ 40 करोड़ रुपये ही निगम को उपलब्ध कराये गये. स्थिति यह है कि विभाग से राशि नहीं मिलने की वजह से कच्ची नाली-गली की करीब तीन हजार से अधिक योजनाएं लंबित हैं. वहीं, ठोसकचरा प्रबंधन के तहत खरीदे गये वाहनों के भुगतान, ट्रांसफर स्टेशन के निर्माण, सड़क-नाला निर्माण आदि समय से पूरा नहीं किया जा रहा है.
किस मद में कितनी राशि बकाया
पंचम राज्य वित्त आयोग
वित्तीय वर्ष स्वीकृत राशि बकाया राशि
2019-20 177.16 करोड़ 88.58 करोड़
स्वच्छता अनुदान
2016-17 26.66 करोड़ 13.33 करोड़
2017-18 26.66 करोड़ 13.33 करोड़
2018-19 26.66 करोड़ 13.33 करोड़
2019-20 26.66 करोड़ 13.33 करोड़
पेशाकर
2018-19 6.69 करोड़ 6.69 करोड़
2019-20 7.77 करोड़ 7.77 करोड़
14वां वित्त आयोग
वित्तीय वर्ष स्वीकृत राशि बकाया राशि
2019-20 89.34 करोड़ 44.67 करोड़
सीएम शहरी नाली-गली
पक्कीकरण योजना
2018-19 335 करोड़ 295 करोड़
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
2018-19 199.08 करोड़ 164.73 करोड़
पार्षद भत्ता
2018-19 30 लाख 30 लाख
पूर्व में यूसी रिपोर्ट देने में विलंब हुआ, जिससे स्वीकृत राशि का आवंटन नहीं हो रहा था. अब यूसी अपडेट हो गया है और डॉक्यूमेंट के साथ राशि की डिमांड की जा रही है, तो बकाया राशि मिलनी शुरू हो गयी है.
संजीव कुमार, वित्त नियंत्रक, नगर निगम
किसी मद में शत- प्रतिशत राशि का आवंटन नहीं
राज्य व केंद्र सरकार से निगम को पंचम राज्य वित्त, स्वच्छता अनुदान, 14वें वित्त आयोग, नाली-गली पक्कीकरण योजना, पेशा कर, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पार्षद भत्ता व नगर प्रबंधक वेतन आदि मद में प्रत्येक वित्तीय वर्ष में राशि आवंटित की जाती है. लेकिन, किसी वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत स्वीकृत राशि निगम के एकाउंट में हस्तांतरित नहीं होती है. स्थिति यह है कि पिछले तीन वित्तीय वर्ष में 982.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये, जिनमें निगम को सिर्फ 266.52 करोड़ रुपये ही आवंटित किये जा सके हैं.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >