नौबतपुर : इ-किसान भवन बंद रहने पर किसानों का हंगामा

नौबतपुर : शुक्रवार को नौबतपुर थाना क्षेत्र के खजुरी पंचायत के इ-किसान भवन का ताला बंद देख कर किसान आक्रोशित हो गये. इ-किसान भवन के सामने पहुंच कर उन्होंने जम कर हंगामा किया. किसान जितेंद्र शर्मा,अभयनाथ आदि ने कहा कि इ-किसान भवन हमेशा बंद ही रहता है. न तो कृषि समन्वयक वंदना कुमारी यहां आती […]

नौबतपुर : शुक्रवार को नौबतपुर थाना क्षेत्र के खजुरी पंचायत के इ-किसान भवन का ताला बंद देख कर किसान आक्रोशित हो गये. इ-किसान भवन के सामने पहुंच कर उन्होंने जम कर हंगामा किया. किसान जितेंद्र शर्मा,अभयनाथ आदि ने कहा कि इ-किसान भवन हमेशा बंद ही रहता है. न तो कृषि समन्वयक वंदना कुमारी यहां आती हैं और न ही किसान सलाहकार आते हैं, जिसके चलते किसानों को योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती है. ऐसे में किसान खेती करें या ब्लॉक का चक्कर लगाएं. किसान रवींद्र सिंह ने बताया कि वे तीस बीघा में खेती करते हैं, लेकिन डीजल अनुदान की बात हो या फिर अन्य योजनाएं, उनका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता है.
कुछ किसानों को ही मिला तोरी बीज का लाभ : किसान गणेश राम, उदय शर्मा ने बताया कि खजुरी पंचायत के अंतर्गत सात गांव आते हैं, जिनमें खजुरी, डीहरा, शेखपुरा, रामनगर टोला, करदाहा, खैरा और मितनचक. कुल 38 किसानों को तोरी बीज का लाभ मिला. इसमें खजुरी के 20 किसानों को और शेष छह गांवों में मात्र 18 किसानों को लाभ मिला. यह कैसा न्याय है. अधिकारियों को जमीनी स्तर पर जांचकर योजनाओं का लाभ देना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है. ऑफिस में बैठे-बैठे सूची तैयार कर दी जाती है.
अत: इसकी जांच होनी चाहिए. किसानों को किसी भी योजना का लाभ मिलना मुश्किल है. सुखाड़ को लेकर आकस्मिक फसल योजना के तहत किसानों को तोरी बीज दिया गया है. इसमें भी अधिकतर वैसे किसानों को दिया गया है, जो इसकी खेती नहीं करते हैं. ज्ञानेंद्र कुमार, मंगलेश शर्मा आदि का कहना था कि बीज वितरण महज खानापूर्ति है.

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