पटना : शहर में प्रदूषण के कारण एलर्जी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसका लक्षण पता चलते ही इलाज शुरू करा देना चाहिए. क्लाइमेट चेंज होने से भी एलर्जी बढ़ रही है. अब पहले की तरह बारिश नहीं होती.
यह कहना है एनएमसीएच के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सत्येंद्र शर्मा का. दरअसल वर्ल्ड एलर्जी डे को लेकर गांधी मैदान स्थित एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया.
इसमें डॉ सत्येंद्र शर्मा ने कहा कि अप्रैल महीने तक एलर्जी डे जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने कहा कि वायु, जल, ध्वनि पर्यावरण प्रदूषण की चपेट में लोगों के आने के कारण नाक, कान और गला संबंधी परेशानी हो रही है. एनएमसीएच में 11 प्रतिशत मरीज कान से कम सुनने व बहने को लेकर इलाज कराने पहुंच रहे हैं.
