आज सेवानिवृत्त हो रहे मटुकनाथ रचायेंगे ब्याह, कहा- मैं एक अनुशासित, शर्मीला और परंपरा प्रेमी लरिका हूं, …पढ़ें और क्या लिखा?

पटना : पटना विश्वविद्यालय के बीएन कॉलेज में हिंदी विभाग के प्रोफेसर व लवगुरु के नाम से मशहूर मटुकनाथ चौधरी 31 अक्तूबर, बुधवार को सेवानिवृत्त हो जायेंगे. सेवानिवृत्ति से पूर्व अपने फेसबुक अकाउंट पर उन्होंने एक पोस्ट लिख कर सूचना दी है कि मैं 65 वर्ष का लड़का हूं. मेरी जवानी ने अभी अंगड़ाई ली […]

पटना : पटना विश्वविद्यालय के बीएन कॉलेज में हिंदी विभाग के प्रोफेसर व लवगुरु के नाम से मशहूर मटुकनाथ चौधरी 31 अक्तूबर, बुधवार को सेवानिवृत्त हो जायेंगे. सेवानिवृत्ति से पूर्व अपने फेसबुक अकाउंट पर उन्होंने एक पोस्ट लिख कर सूचना दी है कि मैं 65 वर्ष का लड़का हूं. मेरी जवानी ने अभी अंगड़ाई ली है. लोगों के पूछने पर कि सेवानिवृत्त होने के बाद क्या कीजिएगा? उन्होंने कहा कि चढ़ती जवानी में जो किया जाता है, वही करूंगा. यानी ब्याह करूंगा.

अपनी शिष्या जूली से प्यार करने पर आये थे चर्चा में

पटना विश्वविद्यालय के बीएन कॉलेज में हिंदी विभाग के प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी अपनी ही 21 साल की शिष्या जूली से प्रेम करने के बाद चर्चा में आये थे. इसके बाद उन्हें लवगुरु की संज्ञा दे दी गयी. जूली को अपने जीवन का प्यार बताते हुए शिष्या के साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया. इसके बाद लवगुरु की सरेआम आलोचना के साथ-साथ लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ा. लवगुरु अखबारों और मीडिया चैनल्स की सुर्खियां बने. उन्हें पत्नी के विरोध का भी सामना करना पड़ा. बाद में मटुकनाथ ने जूली के प्यार के लिए पत्नी को भी छोड़ दिया. लिव इन में रह रही प्रेमिका जूली भी लव गुरु मटुकनाथ को छोड़कर अध्यात्म की राह चुन ली. उन्होंने पुड्डुचेरी, ऋषिकेश और पुणे के ओशो आश्रम में समय गुजारने लगी. हालांकि, इस संबंध में मटुकनाथ का कहना है कि जूली उनसे दूर कभी नहीं हुईं, उनके दिल में ही रहती हैं. साथ ही सफाई देते हुए कहा कि जब-जब जूली पटना आती थीं, तो कुछ दिन मेरे साथ रहती थी. दोनों की उम्र में काफी अंतर है. हालांकि, मटुकनाथ का कहना है कि हमारे बीच यह कभी मसला नहीं रहा. जूली कहती है कि हमारी मेंटल ऐज समान है.

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