पटना : सैकड़ों छात्राएं हो जायेंगी प्रोत्साहन राशि से वंचित

कन्या उत्थान योजना का हाल हर ग्रेजुएट छात्रा को दी जाती है 25 हजार प्रोत्साहन राशि पटना : कन्या उत्थान योजना के तहत हर ग्रेजुएट छात्रा को 25 हजार रुपये देने का प्रावधान है. इसके लिए इस साल स्नातक उत्तीर्ण हुई छात्राओं से संबंधित सूचनाएं सरकार ने विश्वविद्यालयों से मांगा है, लेकिन न तो कॉलेज […]

कन्या उत्थान योजना का हाल
हर ग्रेजुएट छात्रा को दी जाती है 25 हजार प्रोत्साहन राशि
पटना : कन्या उत्थान योजना के तहत हर ग्रेजुएट छात्रा को 25 हजार रुपये देने का प्रावधान है. इसके लिए इस साल स्नातक उत्तीर्ण हुई छात्राओं से संबंधित सूचनाएं सरकार ने विश्वविद्यालयों से मांगा है, लेकिन न तो कॉलेज और न ही छात्राएं ही इसमें उत्साह दिखा रही हैं. वहीं सरकार के द्वारा दी गयी समय सीमा समाप्त भी हो चुकी है. हालांकि पटना विश्वविद्यालय ने इस मामले में छात्राओं को एक हफ्ते का और समय दिया है.
कन्या उत्थान योजना के तहत मिलने वाली सुविधा की जानकारी छात्राओं को नहीं है तो कॉलेज भी इस मामले में छात्राओं को जागरूक करनी की बजाय सुस्ती दिखा रहे हैं. कुछ सूचनाएं तो विवि के परीक्षा विभाग में मौजूद हैं, जिसमें इस वर्ष ग्रेजुएट्स सभी छात्राओं का नाम और पता है, लेकिन बैंक अकाउंट, आईएफएससी कोड, मोबाइल नंबर व आधार कार्ड विवि के पास नहीं है. जबकि ये चारों जानकारियां इस योजना के लिए बहुत जरूरी हैं. इसी से उक्त राशि छात्राओं के एकाउंट में सीधे पहुंचेगी.
समय सीमा समाप्त, पीयू ने दिया एक हफ्ते का समय
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक सूचनाएं सरकार को समय पर नहीं मिलीं तो विश्वविद्यालय की सैकड़ों छात्राएं इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह जायेंगी, क्योंकि सरकार के द्वारा दी गयी समय सीमा समाप्त हो चुकी है.
फिर भी पटना विश्वविद्यालय ने छात्राओं को एक हफ्ते का और समय दिया है. वैसे यह समस्या पीयू के अलावा कई दूसरे विश्वविद्यालयों में भी है, जहां जागरूकता के अभाव में छात्राएं न तो क्लेम कर रही हैं न ही विवि को जरूरी सूचनाएं दे रही हैं. जबकि सरकार के द्वारा यह घोषणा काफी पहले की गयी थी और इस वर्ष से यह योजना लागू है.
विवि कार्यालय में आकर भी दे सकती हैं जानकारी
छात्राएं चाहें तो सीधे विवि में आकर इस हफ्ते तक स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन कार्यालय में भी आकर अपनी जानकारी अपडेट करा सकती हैं. विवि यह आंकड़ा सरकार को भेजेगा और सरकार उक्त ग्रेजुएट छात्रा के अकाउंट में सीधे राशि भेज देगी. इसके लिए कोई कंपीटीशन भी नहीं है. छात्राएं उक्त राशि को आगे पढ़ाई के लिए उपयोग कर सकती हैं. छात्राएं अपने प्राचार्य से संपर्क कर सकती हैं.
– मनोज मिश्र, रजिस्ट्रार, पीयू

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