बिहार के बनते-बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों के बीच अकेले पड़ चुके राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पूर्व जदयू अध्यक्ष शरद यादव से साथ आने की अपील की है.
उन्होंने ट्वीट कर शरद यादव से आह्वान किया है – गरीब, वंचित और किसान को संकट, आपदा से निकालने के लिए हम नया आंदोलन खड़ा करेंगे. शरद भाई, आइए सभी मिलकर दक्षिणपंथी तानाशाही को नेस्तनाबूद करें.
एक के बाद एक किये गये ट्वीट्स में लालू ने आगे लिखा है – हमने और शरद यादव जी ने साथ लाठी खायी है, संघर्ष किया है. देश को फिर संघर्ष की जरूरत है. शोषित और उत्पीड़ित वर्गों के लिए हमें लड़ना होगा.
अगले ट्वीट में लालू ने लिखते हैं – गरीब, वंचित और उपेक्षित जमात के हकूक की खातिर हम वैचारिक रूप से साथ, सभी सहयोगियों को लेकर खेत-खलिहान से लेकर सड़क व संसद तक संघर्ष करेंगे.
यहां यह जानना गौरतलब है कि एनडीए में जाने के नीतीश कुमार के फैसले से शरद यादव नाराज चल रहेहैं. वो इसको लेकर चुप्पी साधे हुए हैं और बिहार में नयी सरकार बनने के बाद से वह मीडिया के सामने भी नहीं आये हैं.
इस बीच लालू प्रसाद यादव ने एक मीडिया चैनल से बात करते दौरान कहा है कि नीतीश कुमार द्वारा विश्वास मत हासिल करने के बाद शरद यादव का उनके पास फोन आया और उन्होंने लालू से बात की और कहा कि शरद पवार लालू यादव के साथ हैं. ऐसे समय पर इस तरह के बयान से ये साफ जाहिर हो रहा है कि नीतीश कुमार की पार्टी में भी उनका विरोध जारी है.
बहरहाल, अब देखना यह है कि नीतीश कुमार की राजनीति से धोखा खा चुके लालू यादव की यह ट्वीटर मुहिम कितना रंग लाती है.
