Nitish Cabinet Expansion: बिहार में BJP ने पहली बार अल्पसंख्यक को बनाया अपने कोटे से मंत्री, जानिए- क्या है इसका सियासी मतलब

Nitish Cabinet Expansion: बिहार में अभी हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सूबे में पहली बार भाजपा (BJP) कोटा से सबसे ज्यादा 16 मंत्री हो गये हैं. इस बार भाजपा ने कई नये प्रयोग करते हुए कई वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है. इसमें सबस महत्वपूर्ण है कि बिहार की राजनीति में भाजपा की तरफ से पहली बार किसी मुस्लिम या अल्पसंख्यक समुदाय के नेता को मंत्री बनाना.

Nitish Cabinet Expansion: बिहार में अभी हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सूबे में पहली बार भाजपा (BJP) कोटा से सबसे ज्यादा 16 मंत्री हो गये हैं. इस बार भाजपा ने कई नये प्रयोग करते हुए कई वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है. इसमें सबस महत्वपूर्ण है कि बिहार की राजनीति में भाजपा की तरफ से पहली बार किसी मुस्लिम या अल्पसंख्यक समुदाय के नेता को मंत्री बनाना.

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन को केंद्रीय राजनीति यानी दिल्ली से बुलाकर अचानक यहां बिहार में एमएलसी (विधान परिषद) बनाया गया. उन्हें पूर्व डिप्टी सीएम सह सांसद सुशील कुमार मोदी के खाली हुए सीट से उच्च सदन का सदस्य बनाया गया. इसके साथ ही उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान भी दिया गया है. भाजपा ने इस नये समीकरण के साथ ही नया संदेश देने की कोशिश की है.

बिहार में करीब 14 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. खासकर सूबे के सीमांचल क्षेत्र के छह-सात जिले में इनकी बहुलता है. उन जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में अपना वजूद बनाने के लिए भाजपा ने यह कार्ड इस बार खेला है. इन जिलों में तेजी से ओबैसी की पार्टी एमआइएम की स्वीकार्यता बढ़ रही है.

इसका परिणाम इस बार विधानसभा चुनाव में देखने को मिला, जब उनके पांच विधायकों ने सीमांचल क्षेत्र में जीत दर्ज की. इसके मद्देनजर भाजपा भी शाहनवाज हुसैन के माध्यम से इन इलाकों में अपना वर्चस्व बढ़ाने की कवायद करने में जुट गयी है.

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Posted By: Utpal kant

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By Prabhat Khabar News Desk

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