NIA Raid: बिहार के नालंदा जिले में सोमवार की सुबह एनआईए (NIA) और एटीएस (ATS) की संयुक्त टीम ने एक ऑपरेशन को अंजाम दिया है. जब पूरा शहर गहरी नींद में था, ठीक सुबह 4:30 बजे जांच एजेंसियों की 10 गाड़ियों ने बिहारशरीफ के लहेरी मोहल्ले की घेराबंदी कर ली.
निशाने पर था शहर का चर्चित ‘पीके गन हाउस’ और हथियार तस्करी से जुड़े संदिग्धों के आधा दर्जन ठिकाने. इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी ने न केवल स्थानीय लोगों को चौंका दिया है, बल्कि बिहार के अवैध हथियार सिंडिकेट की जड़ों को हिला कर रख दिया है.
सुबह 4 बजे गन हाउस पर दबिश
छापेमारी की शुरुआत तड़के करीब साढ़े 4 बजे हुई, जब टीम ने बिहारशरीफ के लहेरी इलाके स्थित पीके गन हाउस पर दबिश दी. अचानक हुई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया. टीम ने दुकान के अंदर मौजूद हथियारों के स्टॉक और दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी.
नालंदा में करीब छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है. इनमें मिर्जापुर गांव और राममूर्ति नगर जैसे इलाके भी शामिल हैं. कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है.
हथियार तस्करी के नेटवर्क की तलाश
NIA और ATS की यह कार्रवाई अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और स्मगलिंग से जुड़े सिंडिकेट का पता लगाने के लिए की जा रही है. जांच एजेंसियां हथियारों के नंबर, स्टॉक और लाइसेंस से जुड़े सभी दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं, ताकि किसी भी गड़बड़ी का खुलासा हो सके.
इस बड़े ऑपरेशन के लिए करीब 100 पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम बनाई गई है. पूरी छापेमारी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जा रही है, जिससे हर पहलू को दस्तावेजी रूप दिया जा सके.
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
नालंदा में अवैध हथियारों का इतिहास पुराना रहा है. जून 2025 में पुलिस और एसटीएफ ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान रॉबिन यादव और उसके पिता राजेंद्र यादव के ठिकानों से 800 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए थे.
एजेंसियों का मानना है कि नालंदा से जुड़े ये हथियार तस्कर केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी अवैध हथियारों की बड़ी खेप पहुंचा रहे हैं.
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