Nawada News : जिले के प्रसिद्ध केएलएस कॉलेज में बुधवार को शिक्षक संघ एआईएफयूसीटीओ (AIFUCTO) से जुड़े शिक्षकों ने राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया. इस दौरान आयोजित बैठक में संगठन से प्राप्त पत्र पर विचार-विमर्श किया गया. साथ ही निर्णय लिया गया कि 5 से 8 अगस्त तक सभी शिक्षक काला बिल्ला लगाकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे.
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पुनर्गठन से उच्च शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता डॉ. एम. जेड. शहजादा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन और विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव से उच्च शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अकादमिक स्वायत्तता समाप्त होने से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी. यदि स्नातक महाविद्यालयों को विश्वविद्यालयों के नियंत्रण से हटाकर सीधे उच्च शिक्षा विभाग के अधीन किया गया तो विश्वविद्यालयों की भूमिका सीमित हो जाएगी और संबद्धता प्रणाली भी कमजोर पड़ेगी.
परीक्षा, मूल्यांकन और शोध कार्य पर पड़ेगा असर
शिक्षकों ने कहा कि प्रस्ताव लागू होने की स्थिति में कॉलेज और विश्वविद्यालयों के बीच समन्वय प्रभावित होगा. इससे परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया तथा शोध गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा.
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10 अगस्त को सामूहिक हड़ताल और प्रदर्शन की घोषणा
डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि यदि सरकार प्रस्ताव वापस नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को शिक्षक सामूहिक हड़ताल पर रहेंगे और विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
बैठक में ये शिक्षक रहे उपस्थित
बैठक में डॉ. आशीष कुमार, डॉ. साधना कुमारी, डॉ. सुधाकर उपाध्याय, अभिषेक कुमार आशीष, डॉ. पद्मा प्रबोध, डॉ. राहुल सूर्या दिनेश, डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डॉ. श्रद्धा सुमन मिश्रा, डॉ. ज्ञान प्रकाश रत्नेश, मो. आजम सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित रहे.
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