Nawada News : बिहार आपूर्ति सेवा संघ की विभिन्न लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समर्थन में 20 से 26 अगस्त तक चल रहे सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के तहत गुरुवार को अकबरपुर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मोहम्मद कमालुद्दीन ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया. उन्होंने संघ की मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में शामिल होने की बात कही.
प्रखंड आपूर्ति कार्यालयों में पर्याप्त कर्मियों की मांग
संघ की प्रमुख मांगों में प्रत्येक प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में पूर्व आदेश के अनुसार लिपिक एवं अनुसेवक की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करना, कम से कम दो कार्यपालक सहायकों की नियुक्ति करना तथा कार्यालय के लिए अलग बजट की व्यवस्था करना शामिल है. संघ का कहना है कि आपूर्ति विभाग का अधिकांश कार्य डिजिटल माध्यम से संचालित हो रहा है. ऐसे में पर्याप्त मानव संसाधन के साथ कंप्यूटर संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है.
वाहन, लैपटॉप और प्रिंटर उपलब्ध कराने की मांग
संघ की ओर से आपूर्ति पदाधिकारियों को विभागीय वाहन, लैपटॉप, प्रिंटर एवं 5जी मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग की गई है. वाहन उपलब्ध होने तक पर्याप्त यात्रा भत्ता देने तथा कार्यालय में प्रिंटिंग सामग्री और दैनिक उपयोग की स्टेशनरी के लिए राशि उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है. इसके अलावा राशन कार्ड के निर्गमन, संशोधन एवं विलोपन सहित अन्य कार्यालयीय कार्यों के लिए पर्याप्त बजट आवंटित करने की मांग की गई है.
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कैडर पुनर्गठन और राजपत्रित पद घोषित करने की मांग
संघ ने आपूर्ति सेवा संवर्ग का कैडर पुनर्गठन कर प्रस्तावित व्यवस्था को शीघ्र लागू करने की मांग की है. इसके साथ ही आपूर्ति निरीक्षक पद का पदनाम बदलकर उपयुक्त पदनाम निर्धारित करने और इसे राजपत्रित पद घोषित करने की मांग भी की गई है.
उच्चतर पदों पर पदोन्नत अधिकारियों की पदस्थापना की मांग
संघ ने उच्चतर पदों पर पदोन्नत अधिकारियों को उच्च पद एवं निर्धारित वेतनमान के अनुरूप पदस्थापित करने की मांग भी रखी है. संघ का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से आपूर्ति विभाग के कार्यों के संचालन में सुधार आएगा और अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सकेगा.
मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
मोहम्मद कमालुद्दीन ने कहा कि संघ की मांगें अधिकारियों की कार्यक्षमता, सम्मान और विभागीय कार्यों के सुचारू संचालन से जुड़ी हैं. सरकार से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा है. उन्होंने कहा कि तब तक संघ के आह्वान पर शांतिपूर्ण एवं अनुशासित आंदोलन जारी रहेगा.
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