Nawada News : 8 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना के विरोध में रविवार को ऐपवा और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला. आरोपितों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और बच्ची के पिता समेत अन्य लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने डाक बंगला से जुलूस निकाला. जुलूस वारिसलीगंज मोड़ पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.
आरोपितों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय की मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बेटियों और महिलाओं को सुरक्षा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि मासूम बच्ची के साथ हुई घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. ऐसे मामले में पुलिस को त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार करना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए. कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा बच्ची के पिता समेत अन्य लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग की.
सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप
पुतला दहन के बाद आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की प्रखंड संयोजक रोशनी कुमारी ने कहा कि सरकार बेटियों और महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि एक ओर 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर बेटियों के साथ होने वाली घटनाओं में पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
उन्होंने 8 वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही.
निष्पक्ष जांच की मांग, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
भाकपा माले के प्रखंड सचिव महावीर मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी अन्याय के खिलाफ लगातार संघर्ष करती रही है. उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा.
बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता हुए शामिल
प्रदर्शन में ऐपवा की लक्ष्मी देवी, बच्ची देवी, मैया दुलारी तथा भाकपा माले के जगदीश चौहान, रामनंदन मांझी, अनिल सिंह समेत बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता शामिल हुए. कार्यकर्ताओं ने बच्ची के लिए न्याय और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.
