Nawada News : सदर प्रखंड में बच्चों की सुरक्षा, अधिकार एवं संरक्षण को लेकर ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ विषय पर महत्वपूर्ण बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी दुनिया लाल यादव ने की. बैठक में नवादा एलईओ अजय कुमार, प्रखंड कल्याण विभाग के बीडब्ल्यूओ, सदर प्रखंड की प्रत्येक पंचायत के विकास मित्र, ग्राम पंचायत सचिव सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण समिति को सक्रिय करने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान नेहा ग्रामीण महिला विकास समिति की ओर से महेंद्र प्रसाद एवं प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर ने उपस्थित प्रतिभागियों को ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ की अवधारणा, उद्देश्य एवं पंचायत स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी. बैठक का मुख्य एजेंडा पंचायत और ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समिति के गठन एवं उसे सक्रिय रूप से संचालित करने पर रहा.
बताया गया कि केवल समिति का गठन करना पर्याप्त नहीं है. समिति की नियमित बैठक, बच्चों से संबंधित समस्याओं की पहचान, संबंधित विभागों के साथ समन्वय और मामलों का फॉलो-अप भी जरूरी है.
बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर साझा किए अनुभव
इस अवसर पर बीडब्ल्यूओ एवं एलईओ ने बाल संरक्षण के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं विकास मित्रों को अपने-अपने क्षेत्र में बच्चों से संबंधित समस्याओं की पहचान कर समय पर आवश्यक कार्रवाई करने और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया.
बाल विवाह और बाल श्रम की रोकथाम पर चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान, बच्चों के साथ हिंसा एवं शोषण की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गयी. इसके साथ ही जोखिमग्रस्त बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के तरीकों की जानकारी दी गयी.
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बच्चों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
बीडीओ दुनिया लाल यादव ने ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ की अवधारणा को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, विकास मित्रों, पंचायत सचिवों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समुदाय, पंचायत एवं प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है.
सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी एवं अन्य प्रकार के शोषण की रोकथाम के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की. कार्यक्रम में ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ का मूल संदेश दिया गया कि हर बच्चा सुरक्षित हो, हर बच्चा स्कूल जाए और कोई भी बच्चा शोषण का शिकार न हो.
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