नवादा में STF का एक्शन, पकड़ा गया PLFI नक्सली अजीत यादव, AK-47 समेत कई हथियार बरामद

Bihar STF: बिहार STF और नवादा पुलिस ने रजौली में PLFI नक्सली अजीत कुमार यादव को गिरफ्तार किया है. उसके पास से एक प्रतिबंधित AK-47, दो .315 बोर राइफलें, भारी मात्रा में कारतूस और सेना की वर्दी बरामद हुई है. इस गिरफ्तारी से नक्सली नेटवर्क की बड़ी साजिश नाकाम हो गई है.

Bihar STF: बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और नवादा जिला पुलिस की टीम ने नक्सल संगठन PLFI के एक एक्टिव मेंबर अजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी रजौली थाना क्षेत्र के दिलवा गांव से की गई. पुलिस के अनुसार अजीत काफी समय से नक्सली गतिविधियों में शामिल था और इलाके में संगठन के लिए काम कर रहा था. गुप्त सूचना मिलने के बाद STF और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की और उसे पकड़ लिया.

क्या -क्या बरामद हुआ

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर तलाशी ली. इसमें कई खतरनाक हथियार बरामद हुए. पुलिस ने एक AK-47 राइफल और उसके 21 जिंदा कारतूस बरामद किए. इसके अलावा दो मैगजीन भी मिली हैं. टीम को दो .315 बोर की राइफलें और उनके 10 कारतूस भी मिले हैं.

तीन एम्युनिशन पाउच यानी गोलियां रखने वाले बैग भी जब्त किए गए. इसके साथ ही तीन सेट कामोफ्लाज वर्दी भी बरामद हुई है, जो सेना की वर्दी जैसी दिखती है. इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और वर्दी मिलने से पुलिस को शक है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे थे.

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अजीत कुमार का इतिहास खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने इस मामले में रजौली थाने में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है. STF अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अजीत कुमार यादव का पहले से क्या आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह किन-किन नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसके पास AK-47 जैसे प्रतिबंधित हथियार कहां से आए और उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं. पुलिस ने कहा कि इस गिरफ्तारी से इलाके में एक्टिव नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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