Nawada News: नवादा जिले में बरसात की शुरुआत होते ही रजौली और आसपास के रिहायशी इलाकों में जहरीले जीवों का खतरा तेजी से बढ़ने लगा है. बुधवार की देर रात रजौली नगर पंचायत के माहुरी टोला में उस समय दहशत फैल गई, जब मीरा देवी के घर के भीतर अचानक एक बेहद विषैला सांप दाखिल हो गया. रात के सन्नाटे में घर के भीतर रेंगते सांप पर जैसे ही परिजनों की नजर पड़ी, पूरे घर में चीख-पुकार मच गई. शोर-शराबा सुनकर आसपास के दर्जनों पड़ोसी भी तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए, हालांकि, सांप इतना खतरनाक और फुर्तीला था कि किसी भी स्थानीय नागरिक ने स्वेच्छा से उसे पकड़ने या घर के अंदर दाखिल होने की हिम्मत नहीं दिखाई.
वनपाल के नेतृत्व में गठित हुई विशेष रेस्क्यू टीम
जब संकट की इस घड़ी में कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था, तब पीड़िता मीरा देवी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थानीय बाजार में मौजूद अपने पुत्र राहुल कुमार अठघरा को इस बात की जानकारी दी. राहुल ने बिना एक पल गंवाए सीधे वन विभाग के आला अधिकारियों से संपर्क साधा और घटना की गंभीरता से अवगत कराते हुए तत्काल रेस्क्यू की गुहार लगाई. सूचना मिलते ही रजौली रेंजर नारायण लाल सेवक ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया. उन्होंने बिना किसी देरी के वनपाल आदर्श कुमार के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया, जिसमें वनरक्षी रवि कुमार, संजय कुमार, सुनील कुमार और अक्षय कुमार शामिल थे.
महज 10 मिनट में पहुंचे वन कर्मी
यह वन टीम स्नैक कैचर, सुरक्षित थैला और सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ महज दस मिनट के भीतर माहुरी टोला स्थित पीड़ित के घर पहुंच गई. वन विभाग की टीम ने घर के कोने में छिपे उस विषैले सांप को बेहद पेशेवर तरीके और बिना किसी को नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया. रात में चले इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, गुरुवार की सुबह सांप को सुदूर घने जंगल में उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया. वन विभाग की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की सराहना करते हुए राहुल कुमार अठघरा और उनकी मां मीरा देवी समेत पूरे परिवार ने टीम का दिल से आभार व्यक्त किया है.
आपात स्थिति में हेल्पलाइन 1926 पर करें कॉल
इस सफल अभियान के बाद रजौली रेंजर नारायण लाल सेवक ने आम जनमानस को सतर्क करते हुए कहा कि मानसून के दौरान अक्सर सांपों और अन्य जहरीले जीवों के बिलों में पानी भर जाता है. इस वजह से ये जीव अपने छिपने के ठिकानों से बाहर निकलकर सूखे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में इंसानी बस्तियों का रुख करते हैं. उन्होंने नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि आबादी वाले क्षेत्रों में कहीं भी सांप दिखने पर उसे खुद मारने या पकड़ने की भूल कतई न करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है. किसी भी आपात स्थिति में लोग सीधे वन्यजीव हेल्पलाइन नंबर 1926 पर कॉल कर सकते हैं या नजदीकी वन कार्यालय को सूचित कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने बारिश के दिनों में घरों के आसपास विशेष साफ-सफाई रखने और जमीन पर सोने से परहेज करने की सलाह दी है.
Also Read: शटडाउन के बावजूद पोल पर चढ़ा सोलर मिस्त्री, करंट की चपेट में आने से झुलसा
