Nawada News (अकबरपुर से अनिल कुमार की रिपोर्ट): बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को अकबरपुर प्रखंड के प्रखंड मुख्यालय में खुलेआम चुनौती दी जा रही है. यहां करीब 10.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अंचल सह प्रखंड कार्यालय भवन के निर्माण में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर संवेदक मनमाने तरीके से काम करा रहे हैं और सरकारी पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है.ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटें बेहद खराब गुणवत्ता की हैं. सरिया का उपयोग जो किया जा रहा वह भी जंग लगा हुआ है. लेकिन पिलर में रिंग की दूरी तय मानकों के अनुसार नहीं रखी जा रही है. इससे भवन की मजबूती पर खतरा मंडरा रहा है. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि निर्माण स्थल पर सूचना पट तक नहीं लगाया गया है, जिससे योजना की जानकारी आम लोगों को नहीं मिल पा रही है. इसे लेकर पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं.
अधिकारियों की भूमिका पर संदेह
आरोप है कि जेई और अन्य विभागीय अधिकारी कभी मौके पर नहीं आते हैं. इसका फायदा उठाकर संवेदक अपनी मर्जी से काम करवा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों और संवेदक की मिलीभगत से सरकारी राशि की लूट हो रही है. कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
जेई ने क्या कहा?
प्रखंड सह अंचल कार्यालय बनाने मे 14.47 करोड की स्वीकृति हुई थी लेकिन प्राक्ल्न बनाने मे 10करोड 50लाख से भवन बन रहा है .वही ग्रामीणों की शिकायत की जांच की गई है ईट व सरिया सही लग रहा है.
बीडीओ ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि खराब ईट व सरिया लग रहा तो वरिय पदाधिकारी को लिखा जायेगा. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत मिली है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि अगर जांच में काम मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो संवेदक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
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