जागरूकता अभियान में मोबाइल के सही उपयोग की दी गयी जानकारी

Nawada news. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा 'भारत पढ़ेगा' के बैनर तले जनशिक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया.

By KR MANISH DEV | January 6, 2026 6:37 PM

चितरकोली गांव में चलाया गया जनशिक्षा जागरूकता अभियान

छात्राओं ने कहा -आते-जाते कुछ मनचलों द्वारा किया जाता है परेशान

छात्र-छात्राओं और परिजनों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता पर दिया गया जोर

फोटो- अभियान में शामिल छात्र-छात्राएं, परिजन के साथ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स.प्रतिनिधि, रजौली

प्रखंड मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर एनएच-20 के किनारे अवस्थित चितरकोली पंचायत में मंगलवार को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा ]भारत पढ़ेगा” के बैनर तले जनशिक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पंचायत के छात्र-छात्राओं और परिजनों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं मोबाइल के सही उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करना था. यूनिवर्सिटी के छात्र रोशन कुमार यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में समाज के उत्थान के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. इस बार जब वह अपने गांव छुट्टी में आये, तो उन्होंने अपनी पंचायत के सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया है. इस अभियान के दौरान छात्राओं को एक खुला मंच मिला और उन्होंने अपनी परेशानियों को साझा किया.

संस्कृत के शिक्षक की जरूरत

छात्रा स्वाति कुमारी, तनु कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, मुस्कान कुमारी, अंचल कुमारी, शिवानी कुमारी आदि ने कहा कि चितरकोली विद्यालय में संस्कृत के शिक्षक नहीं रहने से उन्हें परेशानी हो रही है. इसको लेकर प्रधानाध्यापक पुष्कर कुमार के द्वारा कहा गया कि उनके द्वारा विभागीय पत्राचार किया गया है. जल्द ही संस्कृत के शिक्षक की पदस्थापना होने की उम्मीद है.

मनचलों से परेशान हैं छात्राएं

दुर्वासा ऋषि के तपोस्थली के समीप बसा चितरकोली पंचायत में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए विद्यालय और शिक्षक की व्यवस्था की गयी है. वहीं कुछ छात्राएं जो अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहती हैं, वे 8 से 10 किलोमीटर दूर रजौली में कोचिंग करने प्रतिदिन आवागमन करती हैं. इस दौरान उन्हें गांव के ही मनचलों द्वारा बाइक से आगे पीछे कर उनपर भद्दी-भद्दी फब्तियां कसी जाती है. सड़क किनारे स्थित यात्री शेड के पास भी मनचलों का जमावड़ा रहता है. इसके कारण छात्राओं को अपने भविष्य संवारने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

सख्ती की आवश्यकता

छात्राओं को पठन-पाठन में किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसको लेकर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों की देखभाल करें. अन्यथा आनेवाले समय में समस्या का हल नहीं हुआ, तो स्थानीय चौकीदार समेत थाने को लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य हो जायेंगे. साथ ही बताया कि मनचले लोग न तो खुद आगे बढ़ते हैं और न दूसरे को आगे बढ़ने देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जिससे समाज में क्रांति के माध्यम बदलाव लाया जा सकता है.

परिजन भी हुए जागरूक

भारत पढ़ेगा अभियान के तहत पंचायत के विभिन्न गांवों में छात्र-छात्राएं हाथों में तख्ती और बैनर लेकर मोबाइल क्या है, पढ़ने का माध्यम, जहां सफाई, वहां पढ़ाई आदि विभिन्न प्रकार के नारे के साथ भ्रमण किया. इसके माध्यम से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं मोबाइल के सदुपयोग के बारे में जानकारी मिली. परिजनों ने अपने बच्चों के प्रति सचेत रहते हुए छात्राओं की सहायता करने का प्रण लिया. इस मौके पर सहयोगियों के रूप में जीतू थापा, हिमांशु कुमार, संजय कुमार, रोहित यादव, सतीश यादव, राजीव रंजन, सौरव बरनावाल, राजा साव, राजगुरु कुमार, विकास निराला, करण प्रजापति समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे.

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