भाषा-शिक्षण को चिंतनशील व संवादात्मक बनाने पर जोर

NAWADA NEWS.जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में 23 से 27 फरवरी तक चलने वाले पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गयी. यह प्रशिक्षण माध्यमिक स्तर (कक्षा 9–10) के हिंदी शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य भाषा-शिक्षण को अधिक चिंतनशील, संवादात्मक एवं जीवनोपयोगी बनाना है.

डाइट में हिंदी के शिक्षकों को पांच दिवसीय ट्रेनिंग शुरू फोटो कैप्शन- प्रशिक्षण में शामिल शिक्षक प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में 23 से 27 फरवरी तक चलने वाले पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गयी. यह प्रशिक्षण माध्यमिक स्तर (कक्षा 9–10) के हिंदी शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य भाषा-शिक्षण को अधिक चिंतनशील, संवादात्मक एवं जीवनोपयोगी बनाना है.कार्यक्रम का उद्घाटन डायट के प्राचार्य फैयाज आलम ने दीप प्रज्वलन कर किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भाषा-शिक्षण केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों में विचार, अभिव्यक्ति, सृजनात्मकता व आलोचनात्मक चिंतन विकसित करने का माध्यम बनना चाहिए. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं नवीन पाठ्यचर्या रूपरेखा के आलोक में उन्होंने शिक्षकों से कक्षा को अधिक सहभागितापूर्ण और अनुभव-आधारित बनाने की अपेक्षा की. इस अवसर पर आइक्यूएसी समन्वयक राकेश कुमार ने प्रशिक्षण की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक सत्र में गतिविधि-आधारित अधिगम, पाठ-विश्लेषण, सीख-डिजाइन, आकलन की नयी दृष्टि और डिजिटल नवाचार पर विशेष बल दिया जायेगा. उन्होंने प्रतिभागियों से इसे आत्म-चिंतन और कक्षा-परिवर्तन के अवसर के रूप में ग्रहण करने का आग्रह किया. प्रशिक्षण के पहले दिन ऑनलाइन ब्रीफिंग और प्री-टेस्ट के माध्यम से प्रतिभागियों की पूर्व-अधिगम स्थिति का आकलन किया गया. साथ ही “भाषा का शैक्षिक दर्शन” विषय पर संवाद आयोजित किया गया. कार्यक्रम में संस्थान के सभी व्याख्याता एवं साधनसेवी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे

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By VISHAL KUMAR

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