रजौली में उज्ज्वला योजना के नाम पर अवैध वसूली का खेल उजागर

Nawada news. रजौली में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से अवैध वसूली का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है.

By KR MANISH DEV | January 6, 2026 6:24 PM

एसडीएम के निर्देश पर भारत गैस एजेंसी में हुई जांच, एमओ ने सौंपी रिपोर्ट लाभार्थियों से 3000 रुपये तक की अवैध वसूली और रेट लिस्ट गायब होने की शिकायत पर एसडीएम सख्त फोटो कैप्शन – उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से बातचीत करते एमओ. प्रतिनिधि, रजौली रजौली में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से अवैध वसूली का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है. पिछले काफी समय से स्थानीय लाभुकों द्वारा यह शिकायत दर्ज करायी जा रही थी कि गैस कनेक्शन देने के नाम पर उनसे नाजायज राशि की मांग की जा रही है. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रजौली एसडीएम स्वतंत्र कुमार सुमन ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) अजीत कुमार को मामले की गहन जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया. एमओ अजीत कुमार भारत गैस एजेंसी की जांच करने पहुंचे, तो वहां कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. जांच के दौरान यह पाया गया कि एजेंसी संचालिका द्वारा लाभार्थियों से चूल्हे और अन्य शुल्क के नाम पर 2,000 से 3,000 रुपये तक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी. प्रशासनिक नियमों की अनदेखी का आलम यह था कि एजेंसी परिसर में कहीं भी कोई रेट तालिका प्रदर्शित नहीं की गयी थी. इससे आम जनता को आधिकारिक कीमतों का पता न चल सके. पूछताछ के दौरान एमओ को बताया गया कि योजना के तहत मिलने वाले सरकारी चूल्हे स्टॉक में उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए बाहर से चूल्हे मंगवाकर उनकी राशि ली जा रही है. दूसरी ओर, एजेंसी संचालिका निशा कुमारी ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि किसी से भी जबरन वसूली नहीं की जा रही है. उन्होंने तर्क दिया कि सरकारी चूल्हा उपलब्ध न होने की स्थिति में जो लाभार्थी अपनी इच्छा से दूसरा चूल्हा लेना चाहते हैं, उन्हें ही बाजार दर के हिसाब से चूल्हा दिया जा रहा है. उनके अनुसार, दूसरे चूल्हे की कीमत लगभग 2,600 से 2,800 रुपये है, जिसमें से सरकारी अनुदान के एक हजार रुपये काटकर शेष राशि ली जा रही है. फिलहाल, एमओ ने बताया कि जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है और रिपोर्ट आगे की दंडात्मक कार्रवाई के लिए एसडीएम को भेजी जा रही है, ताकि दोषियों पर नकेल कसी जा सके.

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