गोविंदपुर में पांच दिनों से जलापूर्ति ठप, 1500 कनेक्शनधारी पेयजल संकट से परेशान

Nawada News : गोविंदपुर में जलमीनार की मोटर खराब होने से पांच दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है. 1500 उपभोक्ता पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, प्रशासन से नई मोटर लगाने की मांग की गई है.

Nawada News : लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) की ओर से गोविंदपुर पंचायत के वार्ड संख्या 9 में सकरी नदी किनारे स्थापित 50 हजार गैलन क्षमता वाले जलमीनार से पिछले पांच दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है. बीते सोमवार की सुबह मोटर में तकनीकी खराबी आने के बाद अब तक इसे दुरुस्त नहीं किया जा सका है. इससे पांच वार्डों के करीब 1500 कनेक्शनधारी उपभोक्ता गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं. पेयजल आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. घरेलू कार्यों के लिए पानी की किल्लत के कारण महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है. क्षेत्र के अधिकांश लोग जलमीनार से होने वाली पानी की आपूर्ति पर निर्भर हैं. आपूर्ति बंद होने के कारण लोगों को दूसरे के घरों से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि कई परिवार सरकारी चापाकलों से पानी लाने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की समस्या के कारण रोजमर्रा के घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

पहले भी तीन बार खराब हो चुकी है मोटर

उपभोक्ताओं के अनुसार, जलमीनार में लगी मोटर पहले भी तीन बार खराब हो चुकी है. हर बार इसे दुरुस्त कराने में कम से कम 10 से 15 दिन का समय लग जाता है. एक बार फिर मोटर खराब होने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है कि इस बार पेयजल आपूर्ति बहाल होने में कितना समय लगेगा. कनेक्शनधारी उपभोक्ता संजय कुमार जर्मन, रंजीत कुमार, तरन्नुम प्रवीण, असमा प्रवीण, तरन्नुम बेगम, शबनम परवीन सहित अन्य लोगों ने बताया कि जलमीनार में लगी मोटर काफी पुरानी हो चुकी है और बार-बार खराब हो रही है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगी मोटर 10 एचपी की है, जिससे पानी का प्रेशर काफी कम रहता है. इसके कारण कई घरों तक सही तरीके से पानी नहीं पहुंच पाता है. उपभोक्ताओं ने कहा कि कम से कम 25 एचपी क्षमता की नई मोटर लगाई जानी चाहिए. इससे पानी का प्रेशर बढ़ेगा और सभी घरों तक सुचारू रूप से पेयजल पहुंच सकेगा. लोगों का कहना है कि तीन बार मोटर की मरम्मत के बावजूद बार-बार यही समस्या उत्पन्न हो रही है. जब तक पुरानी मोटर को बदलकर नई मोटर नहीं लगाई जाती, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.

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सहयोग शिविर में डीडीसी को कराया गया था अवगत

बीते मंगलवार को गोविंदपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में पेयजल संकट का मुद्दा उठाया गया था. शिविर में मौजूद उप विकास आयुक्त नीलिमा साहू को लोगों ने जल संकट की जानकारी दी थी. इस दौरान शिविर में मौजूद पीएचईडी विभाग के जेई संजीत कुमार को भी मामले को लेकर फटकार लगाई गई थी. डीडीसी ने दो दिनों के अंदर मोटर को दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया था. हालांकि, निर्देश के बाद भी अब तक जलमीनार की मोटर ठीक नहीं हो सकी है और पांचवें दिन भी पेयजल आपूर्ति ठप रही.

नया मोटर लगाने की हो रही कोशिश : एसडीओ

पीएचईडी के एसडीओ ने बताया कि मिस्त्री को भेजकर जलमीनार की मोटर की जांच कराई गई है. जांच में मोटर खराब पाई गई है. उन्होंने कहा कि पुरानी मोटर बार-बार खराब हो रही है, इसलिए विभाग की ओर से नई मोटर लगाने की कोशिश की जा रही है.

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By Prabhat khabar news desk

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