Bihar Driver Mahasangh : रजौली में बिहार ड्राइवर महासंघ ट्रेड यूनियन ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले अपने साथी चालक के परिवार की मदद के लिए आगे आकर मानवीयता की मिसाल पेश की है. संघ के सदस्यों ने मृत ट्रक चालक बिपिन कुमार के परिजनों को 55 हजार 562 रुपये की नगद आर्थिक सहायता दी. संघ के पदाधिकारियों ने मृतक की पत्नी पिंकी कुमारी को यह राशि सौंपते हुए भरोसा दिलाया कि मुश्किल समय में संगठन परिवार के साथ खड़ा रहेगा.
यह सहायता बिहार ड्राइवर महासंघ ट्रेड यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार और जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव के निर्देश पर उपलब्ध कराई गई. जिला उपाध्यक्ष पिंटू कुमार यादव की अगुआई में सहायता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष रुस्तम खान, जिला सदस्य राजेश यादव, रजौली प्रखंड अध्यक्ष मनोज यादव, रोह प्रखंड उपाध्यक्ष शंकर कुमार यादव समेत संघ के दर्जनों चालक सदस्य मौजूद रहे.
22 जुलाई की सुबह सड़क हादसे में हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार, अंधरवारी पंचायत के खजुरी बिगहा गांव निवासी रामेश्वर प्रसाद यादव के पुत्र बिपिन कुमार की मौत 22 जुलाई की अहले सुबह सड़क दुर्घटना में हो गई थी. हादसा करीब 3:30 बजे बिहार शरीफ के पास हुआ था. बिपिन बिहार ड्राइवर महासंघ ट्रेड यूनियन के सक्रिय सदस्य थे. संघ का रजिस्ट्रेशन नंबर 4240/2025 है.
मृतक के छोटे भाई सुमंत यादव ने बताया कि बिपिन ट्रक लेकर मुजफ्फरपुर से रांची की ओर जा रहे थे. इसी दौरान बिहार शरीफ के पास तेज टक्कर के कारण ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हादसा इतना भीषण था कि बिपिन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.
बिपिन की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया. वहीं उनके साथ काम करने वाले चालक साथियों में भी शोक की लहर दौड़ गई. इसके बाद बिहार ड्राइवर महासंघ के सदस्यों ने अपने साथी के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मदद करने का निर्णय लिया.
परिवार की जिम्मेदारी में संघ ने बढ़ाया मदद का हाथ
बिपिन कुमार अपने पीछे पत्नी पिंकी कुमारी के साथ तीन बच्चों को छोड़ गए हैं. उनकी बड़ी बेटी सलोनी कुमारी नौवीं कक्षा में पढ़ती है. वहीं बेटा साहिल सम्राट पांचवीं कक्षा का छात्र है और छोटी बेटी संजना कुमारी तीसरी कक्षा में पढ़ रही है.
परिवार में बिपिन के वृद्ध माता-पिता भी हैं. ऐसे में कमाने वाले सदस्य की अचानक मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. बिपिन के छोटे भाई सुमंत यादव भी ट्रक चालक हैं और बिहार ड्राइवर महासंघ से जुड़े हुए हैं.
चंदा कर परिवार को मदद करने का फैसला
इसी स्थिति को देखते हुए संघ के सदस्यों ने आपसी चंदा कर परिवार की तत्काल मदद करने का फैसला लिया. जिला उपाध्यक्ष पिंटू कुमार यादव ने बताया कि फिलहाल परिवार को 55 हजार 562 रुपये की नगद सहायता दी गई है. संघ की ओर से आगे भी परिवार की जरूरत के अनुसार मदद जारी रखने की बात कही गई है.
सिलाई मशीन-आजीविका के संसाधन देने की तैयारी
संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, परिवार को केवल तत्काल आर्थिक सहायता देने तक संगठन की पहल सीमित नहीं रहेगी. आने वाले समय में मृतक की पत्नी के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि परिवार की आय का एक जरिया तैयार हो सके.
आर्थिक मदद कराने की बात भी कही गई है
इसके अलावा पीड़ित परिवार को करीब दो लाख रुपये की और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है. संघ का कहना है कि परिवार को लंबे समय तक सहारे की जरूरत है, इसलिए सदस्य मिलकर हर संभव मदद करेंगे.
पदाधिकारियों ने कहा कि सड़क पर वाहन चलाने वाले चालक अक्सर अपनी जान जोखिम में डालकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. ऐसे में किसी चालक की दुर्घटना में मौत होने पर उसके परिवार को अकेला छोड़ देना उचित नहीं है. संगठन का उद्देश्य अपने सदस्यों और उनके परिवारों को मुश्किल समय में आर्थिक और सामाजिक सहारा देना है.
चालकों से महासंघ से जुड़ने की अपील
सहायता कार्यक्रम के दौरान जिला उपाध्यक्ष पिंटू कुमार यादव ने रजौली और आसपास के क्षेत्र के वाहन चालकों से बिहार ड्राइवर महासंघ ट्रेड यूनियन से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि संगठन अपने प्रत्येक सदस्य के सुख-दुख में साथ खड़ा रहने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा कि किसी भी चालक के साथ दुर्घटना या अन्य आपदा होने पर उसके परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा. संगठन के स्तर से जितना संभव होगा, उतनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी.
लोगों ने पहल की सराहना की
कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों और चालक सदस्यों ने भी संघ की इस पहल की सराहना की. लोगों का कहना था कि सड़क पर रोजाना जोखिम उठाकर काम करने वाले चालकों के परिवार के लिए इस तरह की पहल काफी महत्वपूर्ण है.
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