सदर अस्पताल में प्रशासन का छापा, अवैध निजी एंबुलेंसों पर लगा जुर्माना

Nawada news. सदर अस्पताल में निजी एंबुलेंस संचालकों की मनमानी और मरीजों को गुमराह करने की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है.

नो-पार्किंग में खड़ी निजी एंबुलेंस पर प्राथमिकी के निर्देश, फिटनेस और पॉल्यूशन फेल होने पर वसूला दंड

ड्यूटी से गायब मिले 12 सरकारी एंबुलेंसों के चालक और इएमटी, अधिकारियों ने जतायी कड़ी नाराजगी

कैप्शन-सदर अस्पताल का निरीक्षण करते सदर एसडीओ व परिवहन पदाधिकारी.

प्रतिनिधि, नवादा नगर

सदर अस्पताल में निजी एंबुलेंस संचालकों की मनमानी और मरीजों को गुमराह करने की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है. डीएम रवि प्रकाश के निर्देश पर सदर एसडीओ अमित अनुराग और डीटीओ नवीन कुमार पांडेय ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान निजी अस्पतालों के लिए काम करने वाले एंबुलेंस माफियाओं में हड़कंप मच गया. निरीक्षण के दौरान परिसर के भीतर नो-पार्किंग में खड़ी एक निजी एंबुलेंस (बीआर 03 पीए5162) पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया. वहीं, अस्पताल के मुख्य द्वार पर खड़ी दो अन्य एंबुलेंसों पर फिटनेस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट न होने के कारण कुल 7000 रुपये का जुर्माना ठोंका गया. अधिकारियों को संदेह है कि ये एंबुलेंस मरीजों को सरकारी सुविधाओं से वंचित कर निजी अस्पतालों में ले जाने के लिए सक्रिय थीं.

ड्यूटी से गायब मिले सरकारी एंबुलेंस कर्मी

निरीक्षण में सबसे बड़ी लापरवाही सरकारी व्यवस्था में देखने को मिली. अस्पताल परिसर में 12 सरकारी एंबुलेंस तो मौजूद थीं, लेकिन एक भी वाहन पर न तो चालक था और न ही इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (इएमटी) मौजूद थे. इस गंभीर कोताही पर अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए जिला परियोजना प्रबंधक को अनुपस्थित सभी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इस संबंध में एसडीओ अमित अनुराग ने स्पष्ट लहजे में कहा कि मरीजों की सुविधा और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा. सरकारी व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों और मरीजों को भ्रमित करने वाले बिचौलियों पर प्रशासन की पैनी नजर है. उन्होंने संकेत दिया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि अस्पताल परिसर को दलालों और अवैध गतिविधियों से मुक्त रखा जा सके.

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Published by: Vishal kumar

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