घर में अकेले रह रही थी मां-बेटी
मौत की असली वजह बनीं है रहस्य
बिहारशरीफ : सुखी-संपन्न परिवार से ताल्लुक रखने वाली कर्नल की मां दयमंती देवी अपनी दिव्यांग बेटी के साथ मौत को गले लगा लिया.बेटी के साथ काल-कवलित होने से पूर्व उसने अपने डबल स्टोरी मकान के हरेक गेट को मजबूती के साथ बंद किया था. मुहल्ले के लोगों से मधुर संबंध स्थापित करने वाली इस महिला अचानक ऐसा कर लेगी किसी ने सोचा नहीं था.
जिस कमरे में मां-बेटी के शव पड़े थे,उसी के बगल में घर का रसोई घर है,जिसे महिला ने खुला छोड़ दिया था.घर के हरेक कमरे के स्विच ऑफ थे. सूचना के बाद पुलिस करीब 6:35 मिनट में घर के मेन गेट को खोल कर अंदर प्रवेश किया था. सभी कमरों की तलाशी लेते हुए जब पुलिस अंदर के अंतिम कमरे में पहुंची तो पुलिस वाले भी सन्न रह गये. मां बेड पर थी,जबकि बेटी फर्श पर पड़ी थी.बेटी अपने बांये हाथ को तकिया बना बांये करवट कर लेटी हुई थी.घर का सारा सामान अपने निर्धारित स्थान पर पड़ा हुआ था.स्थानीय लोगों ने बताया कि रविवार की देर संध्या तक जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो लोगों को कुछ शक हुआ.
स्थानीय लोगों द्वारा ही मामले की जानकारी पुलिस को दी गयी.पुलिस बताती है किआत्महत्या के पीछे की सही कहानी क्या हो सकती है,इसका सही जवाब अब उनके करीबी रिश्तेदार ही दे सकते हैं.पुलिस इस दोहरे आत्महत्या की जांच को हरेक दृष्टिकोण से देख रही है.घर की तलाशी के क्रम में पुलिस मकान के उपर के तल्ले पर गयी.जहां से पुलिस को कुछ भी हाथ नहीं लगा.उपर के सभी कमरे बंद थे. मामले की जांच कर रही लहेरी थाना पुलिस का कहना है कि घटना को अंजाम देने से पूर्व महिला द्वारा घर के सभी खिड़की व कमरे को बंद कर दिया गया था.मौके पर मौजूद कर्नल का साला मुकेश कुमार ने बताया कि वह भी घटना की जानकारी के बाद पहली बार ही यहां आया है.घटनास्थल वाले कमरे से एक मोबाइल फोन के रिंग टोन की आवाज आ रही थी.
