पहल. देश के कोने-कोने में पहुंचेगा नालंदा मेड जल संचय मॉडल
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रदर्शनी के लिए मिला आमंत्रण
किसान से लेकर मजदूर और अफसर भी जायेंगे दिल्ली
बिहारशरीफ : नालंदा मेड जल संचय प्रोजेक्ट देश के कोने में पहुंचने से बस दो कदम दूर है. बेस्ट प्रैक्टिशनर के रूप में नालंदा प्रोजेक्ट का चयन किया गया है.दो फरवरी को दिल्ली के तालकटोरा में आयोजित राष्ट्रीय मनरेगा सम्मेलन में प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित किया गया है. प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए जिले के किसान-मजदूर से लेकर अफसर को आमंत्रित किया गया है. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर देश के सभी सभी राज्यों के ग्रामीण विकास के अधिकारी शिरकत करेंगे. साथ ही इंटरनेशनल विकास अथोरिटी, विश्व बैंक, जीएयएफ, पीडब्लयूओ, मैकेजिम के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में भाग लेंगे.
दिल्ली में लगने वाले प्रदर्शनी को जल संकट की समस्या की समाधान करने के लिए नया संदेश देगा. प्रदर्शनी की तैयारी को लेकर डीडीसी कुंदन कुमार के द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है. तकनीकि से लेकर सिविल सभी तरह की बारीकियो पर गहन मंथन कर रहें है ताकि राष्ट्रीय पुरस्कार नालंदा को मिल सकें. डीडीसी का कहना है कि परंपरागत जल स्त्रोंत के स्थान पर मशीनीकरण के कारण जल संकट की समस्या है. आने वाले पीढ़ी को जल संकट की समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए जल संचय पर काम करना जरूरी है. इसी सोच के तहत नालंदा में प्रोजेक्ट पर काम किया गया. वर्ष 2016 में 16 चेक डैम, 426 किलोमीटर पइन की उड़ाही की गयी. साथ ही 202 खेत पोखरी बनाया गया. इतना ही नहीं वृक्षारोपण भी की गयी.
कोर कमेटी में इन लोगों ने भी खाब किया काम
उपविकास आयुक्त के नेतृत्व में योजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी मनरेगा कर्मी ने साथ दिया. इसमें पीओ ,डीआरडीए के सहायक अभियंता, पीआरएस, पीटीए से लेकर अन्य लोग शामिल है. यही कारण है कि कम समय में योजना सफल हुई.
