रहुई प्रखंड के पुनहा नीरा महिला उत्पादक समूह ने किया कमाल
गांव के लोग नीरा से बना पेड़ा देख हुए आश्चर्यचकित
बिहारशरीफ. ताड़ी को नीरा बनाने की तकनीक सीखने के बाद नालंदा की महिलाएं अब उसके विभिन्न उत्पादों को बनाने लगी है. पहली कड़ी में नीरा से पेड़ा बनाया गया है. यह कमाल रहुई प्रखंड के पुनहा गांव स्थित नीरा महिला उत्पादक समूह की सदस्यों ने किया है. नीरा से बने पेड़ा को देखने व उसका स्वाद चखने के लिए गांव से लेकर जिलास्तर तक के लोगों का मन मचलने लगा है. पुनहा गांव की रंजनी देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने पहली बार नीरा से पेड़ा का निर्माण किया और अब आगे नीरा से ताल मिश्री का निर्माण करने की योजना है.
रहुई के लाइवलीहुड स्पेशलिस्ट अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि रंजनी देवी को नीरा व उसके उत्पाद बनाने की जानकारी प्राप्त करने के लिए तमिलनाडु भेजा गया था. रंजनी देवी के नेतृत्व में समूह की 30 महिलाएं नीरा उत्पादन व उसके अन्य उत्पाद बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है. उन्होंने बताया कि एक लीटर नीरा एवं डेढ़ लीटर दूध से नीरा का पेड़ा बनाया गया है. पेड़ा का निर्माण ट्रायल बेसिक पर किया गया है. पेड़ा बनाने का यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है. उन्होंने बताया कि नीरा से बने पेड़ा कम्फेड के बूथों पर बेचने की तैयारी हो रही है. गांव स्तर पर भी इसे बेचा जायेगा.
उन्होंने बताया कि आगे नीरा से ताल मिश्री भी बनाने की योजना है. इसके अलावा नीरा फ्लेवर भी तैयार किया जायेगा. उन्होंने बताया कि नीरा से बने पेड़ढ़ को देखकर गांव के लोग आश्चर्य चकित हैं, उन्हें इस पर विश्वास नहीं हो पा रहा है कि नीरा से पेड़ा भी बन सकता है. नीरा से बना पेड़ा को स्वाद बेजोड़ है तथा स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक है. जिले के अलावा सूबे के लोग नीरा से बने इस पेड़ा का स्वाद चखने को बेताब हैं.
