कवायद Â पंचायत से लेकर गांवों तक होगी कार्यशाला
बिहारशरीफ : लेप्रोसी उन्मूलन व रोकथाम के लिए अब गांव, कसबों व टोलों के ग्रामीण जनता जागरूक होंगी. ग्रामीणों की जागरूकता से लेप्रोसी बीमारी का उन्मूलन संभव है. इस कार्य को मूर्तरूप देने के लिए विभाग ने पहल की है. सरकार व विभाग की ओर से उठाये कदम के अनुसार जिले के ग्रामीण जागरूक किये जायेंगे. जब जनता जागरूक होंगी, तो इस रोग पर काबू पाना और भी आसान हो जायेगा.
बापू की पुण्यतिथि पर चलेगा जागरूकता अभियान : महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर कुष्ठ उन्मूलन के लिए जिले में जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. यह अभियान जिले की पंचायतों से लेकर गांव व कसबों तक सघन रूप से चलाया जायेगा. इसकी तिथि तय जिला लेप्रोसी निवारण विभाग की ओर से की गयी है. सरकार की इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए यह अभियान 30 जनवरी से लेकर 13 फरवरी तक सघन रूप से चलेगा.
गांवों में होंगी ग्रामसभाएं : कुष्ठ उन्मूलन के लिए गांव व कसबों में जिला कुष्ठ निवारण विभाग की ओर से वर्कशॉप आयोजित की जायेगी. इसके तहत गांवों में जागरूकता सभाएं होंगी. इन आयोजित होनेवाली सभाओं में शामिल जनता को लेप्रोसी रोग के लक्षण की पहचान के बारे में जानकारी दी जायेगी. ताकी लक्षण प्रतीत होने के बाद संबंधित ग्रामीण सजगता के साथ स्वयं अस्पताल आकर इसकी चिकित्सीय जांच करा सकें. समय पर जब ग्रामीण लोग जांच करायेंगे और चिकित्सीय सलाह के अनुसार दवा का सेवन करेंगे, तो बीमारी पर काबू पाना बहुत आसान हो जायेगा विभाग. इससे एक तो इससे पीड़ित लोग इलाज के बाद रोग मुक्त होंगे और दूसरा की विभाग को कुष्ठ उन्मूलन में भी मदद मिलेगा.
वर्कशॉप में बीमारी की पहचान की दी जायेगी जानकारी
पारा मेडिकल वर्कर करेंगे जागरूक
30 जनवरी से शुरू होनेवाला जागरूकता सप्ताह के दौरान ग्रामीण इलाकों में संबंधित पीएचसी के पारा मेडिकल वर्कर जायेंगे और लोगों को इस बीमारी के प्रारंभिक लक्षण व बचाव के बारे में जानकारी देंगे. इतना ही नहीं समय-समय पर डीएलओ भी इन जागरूकता कार्यशाला में जाकर लोगों को प्रशिक्षित करने का काम भी करेंगे. जिला कुष्ठ निवारण विभाग के चिकित्सा पर्यवेक्षक उमेश प्रसाद ने बताया कि सरकार व विभाग की पूरी कोशिश है कि इस बीमारी पर काबू पाने की. इसी उद्देश्य से ग्रामीणों को जागरूक करने की सरकार ने योजना बनायी है. आयोजित होनेवाली ग्रामसभाओं में पंचायत प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे. वे भी इस बीमारी के लक्षण व बचाव के बारे में उन्हें जानकारी विभाग की ओर से उपलब्ध करायी जायेगी.
