मुहिम. गया-बिहारशरीफ मार्ग पर सफर होगा सुहाना
बिहारशरीफ-गया फोर लेना के लिए 80 फीसदी जमीन अधिग्रहण का काम पूरा
बिहारशरीफ : जिस तरह से वाहनों की लोड बढ़ती जा रही है. उसके अनुसार सड़कों की तदाद काफी कम है. इसके कारण कम दूरी की समय को तय करने में भी काफी समय लग जाता है. वाहनों की रफ्तार की अनुसार सड़कों का चौड़ीकरण का काम शुरू कर दी गयी है. गया-बिहारशरीफ मार्ग का फोर लेन हाेने का लोग लंबे समय से कर है.
बहुप्रतीक्षित उम्मीद जल्द ही पूरा होने वाला है. गया-बिहारशरीफ फोर लेन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम बहुत तेजी से की जा रही है. अब तक 80 फीसदी जमीन अधिग्रहण काम कर लिया गया है. इस फोर में नालंदा, नवादा व गया तीन जिले के लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है.
तीनों जिले के अधीन आने वाले फोर लेन के रास्ते के लिए जमीन अधिग्रहण भूमि धारकों को जमीन की कीमत का भुगतान संबंधित जिले के द्वारा कर दिया गयी है. भूमि अर्जन का काम पूरा करने के लिए साथ ही साथ सरकार द्वारा सड़क निर्माण के टेंडर की प्रक्रिया को भी पूरा कर ली गयी है.
एकरारनामा करा कर जल्द हर निर्माण कार्य का शुभारंभ होने की संभावना विभाग के अधिकारी जता रहे है. सब कुछ ठीक रहा तो 2017 में फोर लेन का मजा पर्यटक ले सकेंगे. गया के मानपुर के पास बाईपास होगा.रेलवे गुमटी के पास सीधे मार्ग मिल जायेेगी. इस स्थान पर आरओ भी होगा. जमुआवा मंजवे के पास के बाइपास होगा. इसके बाद बैजनाथपुर रेलवे गुमटी के पास भी आरओ होगा. राजगीर-तिलैया रेलमार्ग को लेकर आरओ बनाया जायेगा.
साथ ही, हिसुआ में होगा बाईपास रेलवे क्रांसिग के पास आरओ. नारदीगंज में नया बाईपास बनाने की योजना है. इसके बाद राजगीर के वन क्षेत्र और पुरातत्व का हिस्सा होने के कारण बनगंगा से लेकर राजगीर बस स्टैंड तक सड़क मार्ग यथावत रहेगी इस क्षेत्र में कोई छेड़छाड़ नहीं की जायेगी. इसके बाद बिहारशरीफ मार्ग में फोर लेन बनेंगे. रेलवे क्रांसिंग पर ब्रीज होगा. ईघर बिहारशरीफ के कारगिल चौक से राजगीर जाने वाली पुराने मार्ग को ही फोर लेन करने की योजना है.
93 किलोमीटर की दूरी 40 से 50 मिनट में कर सकते हैं पूरा
बिहारशरीफ से गया कि दूरी तय करने में अभी ढाई से तीन घंटे का समय लग जाता है. फोर लेन बनने के बाद इतनी दूरी को महज 40 से 50 मिनट में तय कर सकते हैं. गया और नालंदा पर्यटन क्षेत्र से जुडा होने के कारण दोनों जगहों की एक खास विशेषता है. लाखों पर्यटक हजारों साल गयानालंदा भ्रमण करने को आते है. आवागमन का रास्ता सुगम होने से पर्यटकों को लिए काफी आरामदायक हो जायेगा. अभी लोग सफर करने के दौरान लोग बोर हो जाते है. समय अधिक लगने से सफर सुहाना होने के स्थान पर कष्टदायक हो जाता है.
